खास बातें
- विमानन कंपनियों में विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी की अनुमति देने के लिए नीति में बदलाव की कुछ कंपनियों की मांग के आलोक में यह बैठक हुई है।
New Delhi: भारतीय विमानन कंपनियों के मालिकों और शीर्ष अधिकारियों ने नकदी की तंगी का सामना कर रहे उड्डयन उद्योग को सरकारी सहायता दिलाने और जेट ईंधन पर लगने वाले कर को तर्कसंगत बनाने की मांग को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। करीब घंटे भर चली बैठक में जेट एयरवेज के अध्यक्ष नरेश गोयल, इंडिगो के प्रोमोटर राहुल भाटिया, स्पाइस जेट के सीईओ नील मिल और गो एयर के मालिक जेह वाडिया शामिल थे। भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी की अनुमति देने के लिए विमानन नीति में बदलाव की कुछ कंपनियों की मांग के आलोक में यह बैठक हुई है। बैठक से पहले, नागर विमानन मंत्री व्यालार रवि ने शुक्रवार को कहा था कि देश में विमानन क्षेत्र नुकसान में जा रहा है, जो समस्या का कारण है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री इसको लेकर चिंतित हैं, यह देश के विकास में सहयोग देने वाला, संपर्क का बड़ा साधन है।