खास बातें
- श्रमिकों की हड़ताल के बीच कल-पुर्जों की आपूर्ति बाधित होने के कारण गुड़गांव संयंत्र में शुक्रवार को उत्पादन ठप हो गया।
नई दिल्ली/गुड़गांव: मारुति सुजुकी के मानेसर संयंत्र में जमे श्रमिकों ने शुक्रवार को परिसर खाली कर दिया, जबकि श्रमिकों की हड़ताल के बीच कल-पुर्जों की आपूर्ति बाधित होने के कारण गुड़गांव संयंत्र में शुक्रवार को उत्पादन ठप हो गया। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में श्रमिक नारे लगाते हुए गेट नम्बर तीन से बाहर आए। श्रमिकों के एक नेता सोनू गुज्जर ने कहा कि सरकार ने संयंत्र के अंदर बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर उनपर दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले पुलिस ने श्रमिकों को संयंत्र के अंदर भोजन ले जाने से रोक दिया था। स्थानीय अधिकारियों ने इस बीच संयंत्र के अंदर श्रमिकों से मुलाकात कर उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का आदेश मानने के लिए समझाया। श्रमिकों की हड़ताल सात अक्टूबर से जारी है। वे अपने 44 साथियों को वापस काम पर बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इन्हें एक अक्टूबर को श्रमिक संघ और प्रबंधन के बीच हुए समझौते के बाद काम पर नहीं बहाल किया गया है। कम्पनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "पुर्जों की आपूर्ति कम रहने के कारण गुड़गांव संयंत्र में उत्पादन रुक गया। हड़ताल के कारण कम्पनी के मानेसर संयंत्र और पुर्जो की आपूर्ति करने वाली इकाई में उत्पादन रुक गया है।" अधिकारी के मुताबिक कम्पनी रोजाना गुड़गांव संयंत्र में 2,800 इकाइयों और मानेसर संयंत्र में 1,200 इकाइयों का उत्पादन करती है। कम्पनी ने दो दिनों के लिए उत्पादन रोका है और रविवार को वह स्थिति पर पुनर्विचार करेगी। मारुति के मानेसर संयंत्र में श्रमिकों की हड़ताल को समर्थन देने के लिए सुजुकी पावरट्रेन इंडिया लिमिटेड के कामगारों ने हड़ताल कर दिया है। यह इकाई मारुति कारों के लिए डीजल इंजनों की आपूर्ति करती है। कम्पनी की एम-800, ओमनी, इको और जिप्सी जैसी कई कारों का उत्पादन हालांकि इनकी आपूर्ति पर निर्भर नहीं है।