यह ख़बर 20 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ट्रिलियन डॉलर क्लब से बाहर हुए भारतीय बाजार

खास बातें

  • शेयर मूल्यों में लगातार गिरावट से बंबई शेयर बाजार का पूंजीकरण ट्रिलियन डॉलर यानी एक हजार अरब डॉलर से घटकर 994.97 अरब डॉलर रह गया।
मुंबई:

देश के शेयर बाजारों ने ट्रिलियन डॉलर का तमगा खो दिया। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और शेयर मूल्यों में लगातार गिरावट से बंबई शेयर बाजार का पूंजीकरण ट्रिलियन डॉलर यानी एक हजार अरब डॉलर से घटकर 994.97 अरब डॉलर रह गया। पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार ट्रिलियन डॉलर के तमगे को बरकरार रखने की जद्दोजहद करता रहा लेकिन सेंसेक्स टूटकर 28 महीने के निचले स्तर पर आने के साथ यह तमगा बाजार के हाथ से निकल गया। मंगलवार को कारोबार के अंत में शेयर बाजार का कुल आकार 52,60,440.78 करोड़ रुपये रह गया। बाजार में सूचीबद्ध सभी शेयरों के सकल मूल्यांकन के संदर्भ में बाजार ने ट्रिलियन डॉलर का तमगा खो दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया 52.87 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ जिसके मुताबिक अमेरिकी मुद्रा में शेयर बाजार का कुल पूंजीकरण 994.97 अरब डॉलर रह गया। सोमवार के कारोबार की समाप्ति पर भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण 1.0116 ट्रिलियन डॉलर रहा था। अब ट्रिलियन डॉलर के शेयर बाजार वाले देशों में कुल 13 देश रह गए जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, द. कोरिया, चीन, जापान, स्पेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और फ्रांस शामिल हैं। भारतीय शेयर बाजार ने पहली बार ट्रिलियन डॉलर का तमगा करीब साढ़े चार साल पहले 28 मई, 2007 को हासिल किया था लेकिन एक साल बाद एक जुलाई, 2008 को यह तमगा उसके हाथ से निकल गया। इसके एक साल बाद 3 जून, 2009 को भारत ने फिर से यह तमगा हासिल कर लिया।


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