आंकड़ों में बताया गया है कि SEBI द्वारा किसी शिकायत के समाधान का औसत समय 31 दिन था.
नई दिल्ली: सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी (SEBI) ने मई में अपने स्कोर्स प्लेटफॉर्म के जरिये कंपनियों और बाजार मध्यवर्तियों के खिलाफ कुल 2,457 शिकायतों का निपटान किया. सेबी की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई.
आंकड़ों के अनुसार, मई की शुरुआत में 2,984 शिकायतें लंबित थीं और 2,626 नई शिकायतें प्राप्त हुईं. मार्केट रेगुलेटर ने बताया कि मई, 2023 तक 28 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित थीं. ये शिकायतें निवेश सलाहकारों, अनुसंधान विश्लेषकों, कामकाज के संचालन/सूचीबद्धता शर्तों, न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता, उद्यम पूंजी कोष और अधिग्रहण/पुनर्गठन से संबंधित थीं. आंकड़ों में बताया गया है कि किसी शिकायत के समाधान का औसत समय 31 दिन था.
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एक अलग सार्वजनिक नोटिस में उन 12 इकाइयों का जिक्र किया है जिनके खिलाफ स्कोर्स पर शिकायतें तीन महीने से अधिक से लंबित हैं. इन इकाइयों में ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड, अंकुर जैन, रिसर्च गुरु, उमेश कुमार पांडेय प्रॉप्राइटर - ऑरोस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सर्विसेज, धर्मेश परमार, ग्रोवैल्यू फाइनेंशियल सर्विसेज और हाइलाइट इन्वेस्टमेंट रिसर्च शामिल हैं.
आपको बता दें कि स्कोर्स एक शिकायत निपटान प्रणाली है, जिसे जून, 2011 में शुरू किया गया था.