यह ख़बर 06 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

विदेशी निवेशकों ने निकाल लिए 1 अरब डॉलर

खास बातें

  • इन्हीं निवेशकों द्वारा शेयर बाजार में पैसे लगाने के कारण 2010 में शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई थी।
मुम्बई:

विदेशी निवेशकों ने 2011 में शुक्रवार तक शेयर बाजार से एक अरब डॉलर से अधिक की राशि निकाल ली है। इसके कारण शेयर बाजार में अत्यधिक गिरावट देखी जा रही है। इन्हीं निवेशकों द्वारा शेयर बाजार में पैसे लगाने के कारण 2010 में शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई थी। भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले पिछले एक सप्ताह में ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 28.347 करोड़ डॉलर के शेयरों की बिकवाली की। विदेशी निवेशकों द्वारा शेयरों की बिकवाली के कई कारण रहे हैं। विश्लेषक इनमें से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए जा रहे कठोर कदमों को एक प्रमुख कारण मानते हैं। आरबीआई ने बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पिछले महीने लघु अवधि उधार और जमा दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की और संकेत दिया कि यदि महंगाई कम नहीं होगी, तो दरों में और वृद्धि की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से मिस्र में जारी अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत के 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के बाद निवेशक भारत जैसे उन देशों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं, जो तेल के लिए आयात पर अधिक-से-अधिक निर्भर हैं। भारतीय तेल विपणन कम्पनियों ने हाल में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि की थी, लेकिन इसमें और वृद्धि की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही डीजल की कीमत भी बढ़ने की सम्भावना है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशक मुनाफा वसूली की कोशिश करेंगे। भारतीय शेयर बाजारों में पिछले साल कुल लगभग 28.83 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी के निवेश के बाद प्रमुख सूचकांकों में 17 फीसदी से अधिक की वृद्धि देखी गई थी। बम्बई शेयर बाजार के 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 31 दिसम्बर, 2010 के 20,250.26 अंक के स्तर से पांच कारोबारी सप्ताह में 11 फीसदी की गिरावट आ गई है। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 18,008.15 अंक पर बंद हुआ।


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