छह सप्ताह की हड़ताल के बाद ज्यादातर जौहरियों ने दुकानें खोलीं

छह सप्ताह की हड़ताल के बाद ज्यादातर जौहरियों ने दुकानें खोलीं

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

बजट में गैर चांदी के आभूषणों पर 1 प्रतिशत का उत्पाद शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ छह सप्ताह तक हड़ताल पर रहने के बाद मंगलवार को देशभर में सर्राफा कारोबारियों के एक बड़े वर्ग ने अपनी दुकानें खोल लीं। राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई में आभूषण की दुकानों और शोरूम में सामान्य कामकाज होता दिखा, वहीं कुछ दुकानें बंद रहीं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आभूषण शोरूम भी खुले रहे।

'मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर हड़ताल'
राजस्थान सर्राफा संघ के अध्यक्ष सुभाष मित्तल ने कहा, 'सरकार के इस आश्वासन कि वह उत्पाद शुल्क के क्रियान्वयन को सरल करेगी, सर्राफा कारोबारियों और कारीगरों ने अपनी दुकानें खोल लीं।' उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो राज्य के सर्राफा कारोबारी फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।

इस बीच, महाराष्ट्र के सर्राफा कारोबारियों ने 14 से 24 अप्रैल तक अस्थायी रूप से अपनी हड़ताल वापस ले ली है। महाराष्ट्र राज्य सर्राफ स्वर्णकार फेडरेशन के अध्यक्ष फतेहचंद रंका ने कहा, 'हम अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिल रहे हैं। हमारी मांगों में उत्पाद शुल्क के बजाय एक प्रतिशत वैट का अतिरिक्त भुगतान करना शामिल है।'

इस बीच, एसोचैम की रत्न एवं आभूषण पर राष्ट्रीय परिषद के चेयरमैन शंकर सेन ने कहा कि सर्राफा कारोबारी अगले कुछ दिन में अपनी हड़ताल वापस ले सकते हैं, क्योंकि सरकार ने आश्वासन दिया है कि अशोक लाहिड़ी समिति उनकी सभी मांगों पर विचार करेगी।

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)