
नई दिल्ली : केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को अपने पहले रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन की घोषणा नहीं की, और इतिहास रच दिया, क्योंकि उनसे पहले ऐसा किसी भी रेलमंत्री ने कभी नहीं किया था। सुरेश प्रभु ने रेल बजट 2015-16 को पेश करते हुए यात्री किरायों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की और यात्रियों को सुविधा देने का दावा करते हुए एडवांस टिकट बुकिंग के लिए भी 60 दिन की मौजूदा समयसीमा को बढ़ाकर 120 दिन कर दिया है।
आइए पढ़ते हैं, उनके बजट भाषण की मुख्य बातें...
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रेलवे पर आशाओं का भारी बोझ है।
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नागरिकों को अंदाज़ा नहीं होता कि भारतीय रेलवे किन विषमताओं के बीच काम कर रहा है।
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हमारी प्राथमिकताएं हाई-डेन्सिटी नेटवर्क में सुधार की है।
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निवेश न होने के कारण भारतीय रेल का विकास नहीं हो पाया।
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यह आश्चर्य की बात है कि राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, लेकिन चलती 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हैं।
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अगले पांच साल में हम हाई-डेन्सिटी नेटवर्क की क्षमता में बढ़ोतरी करेंगे।
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रेलवे को देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान निभाना होगा।
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रेलवे को भारत की रीढ़ बनाने के लिए हमें ताकत प्रदान करनी होगी।
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मैं मानता हूं कि हम ऐसा कर सकते हैं। हमने अपने लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
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रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति बना रहेगा। यह संपत्ति हमेशा लोगों की ही होगी।
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हमें प्रमुख साझीदारों के साथ साझेदारी करनी होगी। हम राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे।
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हमारे कर्मचारियों की प्रतिभा को ट्रेनिंग और विकास की मदद से तेज़ बनाना अहम है।
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अगले पांच साल में रेलवे में 8.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।
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यात्री किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
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हम 'स्वच्छ रेलवे - स्वच्छ भारत' की दिशा में काम करेंगे।
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हम पटरियों की लंबाई में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेंगे और यात्रियों को ढोने की क्षमता में 21 से 30 मिलियन की बढ़ोतरी होगी।
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'स्वच्छ रेल' हमारा सूत्रवाक्य होगा, जो 'स्वच्छ भारत' के रास्ते चलेगा।
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रेलवे आपका चलता-फिरता घर है, कृपया इसे स्वच्छ बनाए रखें।
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यात्रियों के लिए रेलवे का नया हेल्पलाइन नंबर होगा - 138
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सुरक्षा मामलों में यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर होगा - 182 - यह 24 घंटे की सेवा 1 मार्च से प्रभावी होगी।
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17,000 शौचालयों को इसी साल बायो-शौचालयों से बदला जाएगा।
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"हे प्रभु, यह कैसे होगा..."
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ई-केटरिंग की सुविधा 108 ट्रेनों में प्रायोगिक तौर पर लागू की गई है। इसमें सर्वोत्तम फूड-शृंखलाओं को समेकित करने की योजना है।
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खाने का ऑर्डर टिकट बुक कराने के साथ ही आईआरसीटीसी की वेबसाइट से भी दिया जा सकता है।
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'ऑपरेशन 5 मिनट' के माध्यम से बेटिकट यात्रा कर रहा यात्री भी टिकट ले सकता है।
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महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे 'निर्भया कोष' का इस्तेमाल करेगा।
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ई-टिकटिंग के माध्यम से हमें पेपरलेस-यात्रा करने में मदद मिलेगी।
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कुछ लाइनों पर और महिला डिब्बों में निगरानी कैमरों (सीसीटीवी) की व्यवस्था की जा रही है।
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जनरल कोचों में भी मोबाइल चार्ज करने की सुविधा दी जाएगी।
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ए-वन श्रेणी के स्टेशनों को वाई-फाई सुविधा से जोड़ा जाएगा।
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोअर बर्थ का कोटा बढ़ाया जाएगा।
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हम ट्रेनों में आम आदमी के फायदे के लिए जनरल कोचों की संख्या भी बढ़ाएंगे।
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बीमारों, विकलांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर की ऑनलाइन बुकिंग होगी।
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नए कोचों में दृष्टिहीनों के फायदे के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा होगी।
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विकलांगों, वरिष्ठ नागरिकों और बीमार लोगों के लिए आईआरसीटीसी की ओर से आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
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कोच के आंतरिक डिज़ाइन के लिए एनआईएफटी और एनआईडी से सहयोग लिया जाएगा।
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एनआईएफटी ऊपरी सीट पर जाने वाली सीढ़ी के निर्माण में मदद करेगा।
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ऐसी ट्रेनों को लाया जाएगा, जिनसे यात्रा में लगने वाला समय 20 प्रतिशत तक कम हो सके।
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मैं सांसदों से अनुरोध करता हूं कि अपने एमपीलैड कोष का एक हिस्सा रेल सुविधाओं के सुधार के लिए दें।
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टिकटों को चार महीने पहले बुक किया जा सकेगा।
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यात्रियों को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी देने के लिए एसएमएस अलर्ट सेवा दी जाएगी।
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हम चाहते हैं कि स्टेशन ऐसी वैभवशाली इमारतें हों, जो उस स्थान विशेष की संस्कृति को निरूपित करें।
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स्टेशनों को बेहतर बनाने के लिए हम इच्छित पार्टियों को आमंत्रित करते हैं।
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अब से बीच वाली सीट महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होगी।
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रेलवे की सफाई को आंशिक तौर पर आउटसोर्स किया जाएगा।
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हम उत्तर-पूर्व भारत को रेल संपर्क में लाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मेघालय को भारत के रेल मानचित्र में जगह मिल पाई है।
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फास्ट ट्रैक सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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77 नई परियोजनाओं के लिए अनुमानित राशि 96 हज़ार करोड़ है।
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800 किलोमीटर रेल लाइन का गेज-रूपान्तरण किया जाएगा।
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हमारे बहुभाषीय वेब पोर्टल से बैंकिंग सिस्टम को समायोजित किया जाएगा।
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दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-मुंबई के बीच एक ही रात में पहुंचाने की सुविधा दी जाएगी।
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रेल का रूपान्तरण 'मेक इन इंडिया' के लिए महान अवसर प्रदान करता है।
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सुरक्षा संबंधी 917 परियोजनाओं की मदद से 3,000 मानव रहित क्रॉसिंग खत्म की जाएंगी। इसमें इसरो और आईआईटी, कानपुर की मदद ली जाएगी।
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रेल के डिब्बों में आग रोकने के लिए चेतावनी प्रणाली लगाई जाएगी। साथ ही ट्रेनों की आपसी टक्कर रोकने के लिए भी रक्षा प्रणाली लगाई जाएगी।
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नौ हाई-स्पीड कॉरिडोर्स में हाई-स्पीड ट्रेनों को चलाया जाएगा।
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नई रेल लाइनों की ज़रूरतों के लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम लगाए जाएंगे।
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टीटीई के लिए भी हाथ में रखने वाली डिवाइसेज़ लाई जाएंगी, ताकि समूचा तंत्र पेपरलेस बनाने में मदद मिल सके।
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अकाउंटिंग का वर्तमान तरीका बदला जाएगा।
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रेलवे का अंकेक्षण करने के लिए अगले दो महीने में तंत्र बनाया जाएगा।
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हम विदेशी रेल तकनीक स्कीम लॉन्च करने का प्रस्ताव देते हैं।
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तटीय क्षेत्रों में रेल संपर्क बनाने के उद्देश्य से 2,000 रुपये करोड़ की योजना है, जो इसी साल शुरू की जाएगी।
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1,000 मेगावॉट के सोलर प्लांट की योजना है।
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रेलवे की ज़मीन पर अतिक्रमण गंभीर विषय है। इसके लिए अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय की जाएगी।
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रेलवे की ज़मीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए डिजिटल मैपिंग की मदद ली जाएगी।
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हम रेलवे का कायाकल्प कर सकते हैं।
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110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा की जाएगी।
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रेलवे में हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को पूरा करेंगे - एक भारत, श्रेष्ठ भारत।
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स्वामी विवेकानंद ने कहा था - एक विचार लीजिए और उसको अपनी ज़िन्दगी बना लीजिए।