यह ख़बर 06 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एलएंडटी इन्फोटेक पर एच-1बी वीजा में धोखाधड़ी का आरोप

खास बातें

  • एलएंडटी इन्फोटेक पर अमेरिका में एच-1बी वीजा में धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इससे पहले, एक पूर्व कर्मचारी ने भी कंपनी के खिलाफ लिंग भेद के आरोप लगाए हैं।
न्यूयॉर्क:

एलएंडटी इन्फोटेक पर अमेरिका में एच-1बी वीजा में धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इससे पहले, एक पूर्व कर्मचारी ने भी कंपनी के खिलाफ लिंग भेद के आरोप लगाए हैं। कर्मचारी ने अपनी शिकायत में कंपनी में एच-1बी आव्रजन वीजा मामले में बड़े पैमाने पर घोटाले की बात कही है।

न्यूजर्सी निवासी नंदा पई ने भी कंपनी के खिलाफ लिंग के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। इससे पहले, एलएंडटी इन्फोटेक के पूर्व कर्मी दीपा शानभाग ने भी लिंगभेद का आरोप लगाते हुए कहा था कि जब वह गर्भवती थीं तो उस समय कंपनी ने उन्हें नौकरी या परिवार में किसी एक को चुनने को कहा था।

शानभाग और पई दोनों ने उनके साथ लिंग भेद-भाव बरते जाने के बाद भारतीय उद्योग समूह लार्सन एंड टुब्रो तथा उसकी न्यूजर्सी की सहायक इकाई एलएंडटी इन्फोटेक से 10-10 करोड़ डालर का मुआवजा मांगा है।

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न्यूजर्सी में अमेरिकी जिला अदालत में दायर 27 पृष्ठ की शिकायत में पई ने आरोप लगाया है कि एलएंडटी ने 2008 के आसपास अपने कर्मचारियों के लिए एच-1बी वीजा हासिल करने को अमेरिकी सरकार को गलत तथ्य उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा है कि जब दस्तावेजों में खामी की बात उजागर हुई, तो कंपनी ने उन्हें ‘बलि का बकरा’ बना दिया। एलएंडटी इन्फोटेक, मुंबई ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला अदालत में लंबित है।