यह ख़बर 02 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

वार्ता विफल, किंगफिशर का संकट गहराया

खास बातें

  • निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस के प्रबंधन तथा कर्मचारियों के बीच वेतन भुगतान के मुद्दे पर बने गतिरोध को दूर करने के लिए बुलाई गई वार्ता विफल हो गई।
मुंबई:

निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस के प्रबंधन तथा कर्मचारियों के बीच वेतन भुगतान के मुद्दे पर बने गतिरोध को दूर करने के लिए बुलाई गई वार्ता विफल हो गई।

इससे पहले से संकटग्रस्त इस एयरलाइन का संकट और गहरा गया है। किंगफिशर प्रबंधन वेतन भुगतान के मुद्दे पर कर्मचारियों को किसी तरह की प्रतिबद्धता जताने को तैयार नहीं हुई, जिसकी वजह से वार्ता विफल हो गई।

एयरलाइन के कार्यालय में बैठक के बाद कैप्टन यतीन पंडित तथा अन्य कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कहा, ‘हमारी वेतन भुगतान न होने के मुद्दे पर प्रबंधन के साथ बैठक एक घंटे तक चली। फरवरी से हमें वेतन नहीं दिया गया। हम तत्काल दो माह का वेतन चाहते हैं। लेकिन प्रबंधन इस बात का कोई भरोसा दिलाने को तैयार नहीं है कि वह कब वेतन देगा। ऐसे में हमने अपने आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है।’

प्रबंधन की ओर से बैठक में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव अग्रवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष हितेश पटेल, मुख्य वित्त अधिकारी एचजी रघुनाथ शामिल हुए। वहीं कर्मचारियों की ओर से पायलट, केबिन क्रू के सदस्य, इंजीनियर और ग्राउंड हैंडलिंग कर्मचारी इसमें शामिल हुए।

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अग्रवाल तथा एयरलाइन के अन्य अधिकारी मीडिया से बातचीत के बिना बैठक स्थल से निकल गए। इस बारे में संपर्क किए जाने पर एयरलाइन के प्रवक्ता ने भी बैठक पर कुछ कहने से इनकार किया। पंडित ने कहा कि कर्मचारी मुंबई हवाई अड्डे पर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पायलट उड़ान जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम अजीब स्थिति में फंसे हैं। न तो हम एयरलाइन छोड़ सकते हैं और न ही महीनों तक बिना वेतन के रह सकते हैं। ‘हम नहीं जानते कि अब हमें किससे संपर्क करना है। इस तरह की स्थिति के बारे में कोई नियम नहीं हैं।’