यह ख़बर 20 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

किंगफिशर की 30 उड़ानें रद्द, अधिकारी पेश हुए डीजीसीए के सामने

खास बातें

  • संकटग्रस्त किंगफिशर एयरलाइन्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज विमानन नियामक डीजीसीए से मुलाकात की और उड़ानें सुव्यवस्थित करने की योजना तथा अपनी वित्तीय मुश्किलों के बारे में बताया।
नई दिल्ली:

संकटग्रस्त किंगफिशर एयरलाइन्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज विमानन नियामक डीजीसीए से मुलाकात की और उड़ानें सुव्यवस्थित करने की योजना तथा अपनी वित्तीय मुश्किलों के बारे में बताया। उल्लेखनीय है कि किंगफिशर ने आज 30 उड़ानें रद्द कीं।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के प्रमुख ई के भारत भूषण से मुलाकात से पहले किंगफिशर के मुख्य कार्यकारी संजय अग्रवाल ने कहा, ‘‘नियामक जो पूछेगा हम उसका जवाब देंगे।’’ अचानक उड़ानें रद्द होने और यात्रियों की असुविधा से चिंतित डीजीसीए ने विमानन कंपनी के मुख्य कार्यकारी और शीर्ष अधिकारियों को पेश होने और उड़ानें रद्द होने के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा।

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नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने संवाददाताओं से कहा ‘‘हमें किंगफिशर के पक्ष को सुनना है। हमें यह नहीं पता कि उनकी क्या योजना है, सामान्य समयसारणी को कैसे सुव्यवस्थित करेंगे। फिर कुछ सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी हैं जिनका उन्हें जवाब देना है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी उद्योग की एक इकाई के बंद होने से पूरे उद्योग के लिए मुश्किल पैदा होती है और कहा कि कुछ कदम उठाने हैं ताकि किंगफिशर अपनी उड़ानों की समयसारणी ठीक कर सके और यात्रियों को कोई सुविधा न हो। विमानन कंपनी ने आज और उड़ानें रद्द कीं। मुंबई से 13 उड़ानें रद्द हुईं जबकि कोलकाता से आठ और दिल्ली से चार उड़ानें रद्द हुईं। इससे बहुत से यात्रियों को परेशानी हुई। प्रमुख वायुमार्ग मुंबई-दिल्ली सबसे अधिक प्रभावति रहा। किंगफिशर के 34 पायलटों ने कल इस्तीफा दे दिया जिससे विमानन कंपनी को नई किस्म की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग से जुड़े सूत्र के अनुसार पिछले साल अक्तूबर से अबतक करीब 80 पायलट कंपनी छोड़ चुके हैं।