महज पांच साल बाद ज्यादातर आईटी कंपनियां 'बेमतलब' रह जाएंगी : एक्सपर्ट

महज पांच साल बाद ज्यादातर आईटी कंपनियां 'बेमतलब' रह जाएंगी : एक्सपर्ट

महज पांच साल बाद ज्यादातर आईटी कंपनियां 'बेमतलब' रह जाएंगी : एक्सपर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)

खास बातें

  • भारतीय आईटी इंडस्ट्रीज के अपने कई बड़े इश्यूज हैं, गिरीश पई ने कहा
  • अगले 5 साल में ज्यादातर फर्म अप्रासंगिक हो जाएगी, उन्होंने कहा
  • डिजिटल युग के लिए तैयार नहीं हैं कंपनियां, पई ने कहा
नई दिल्ली:

अगले पांच सालों में ज्यादातर आईटी कंपनियां 'बेमतलब' रह जाएंगी. यह कहना है घरेलू ब्रोकरेज फर्म निर्मल बांग के रिसर्च हेड गिरीश पई का. आईटी सेक्टर (IT) सेक्टर पर करीब से नजर रखने वाले पई का कहना है कि भारतीय आईटी के अपने कई बड़े इश्यू हैं और यह कहना बेहद  मुश्किल है कि अगले पांच साल तक आईटी क्षेत्र की कितनी कंपनियां प्रासंगिक रह पाएंगी.

गिरीश पई ने कहा कि आने वाले डिजिटल युग के लिए हमारी आईटी कंपनियां कितनी चुस्त दुरुस्त हैं और तैयार हैं, इस पर मुझे कुछ शंका ही है. फिलहाल निवेशक पांच से छह दिगग्जों की बाट जोह रहे हैं और वे कुछ छोटे और मध्यम खिलाड़ियों की भी दरकार कर रहे हैं. मुझे लगता है कि पांच सालों में कंसॉलिडेशन होगा. मुझे लगता है कि पांच से छह आईटी दिगग्ज फर्म में से दो से तीन ही कायम यानी कि रेलेवेंट रह पाएंगी. मुझे लगता है कि कई सारे मिडकैप प्लेयर्स पांच सालों के टाइम फ्रेम में कायम रह सकेंगे, मुश्किल है.

 
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(निर्मल बांग के रिसर्च हेड गिरीश पई)

उनका कहना है कि तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल स्पेस में काफी ज्यादा प्रतियोगिता है. मुझे नहीं लगता कि इस वक्त की यदि बात करें तो भारतीय कंपनियां उस स्तर तक हासिल कर पाईं है जितना और जैसे एसेंचर ने किया है. आईटी स्टॉक्स ने पिछले तीन महीनों में बेहतरीन परफॉर्म किया है और यह अगले तीन से छह महीने कायम रह सकता है. लेकिन यह ऑउटपरफॉर्मेंस आईटी सेवाओं में इंप्रूवमेंट की वजह से नहीं है. उन्होंने कहा- ऐसा नहीं है कि आईटी सेवाओं में चीजें बेहतर हो रही हैं सिवाए इसके कि पिछले कुछ महीनों में रुपए की मूल्य में कमी आई है. घरेलू सेक्टर्स में कमाई को लेकर काफी चिंता कायम है और इसकी वजह विमुद्रीकरण है.

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