यह ख़बर 15 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

और मजबूत हों कजाख-भारत संबंध : मनमोहन

खास बातें

  • नजरबेव के साथ वार्ता से पहले मनमोहन ने कहा कि भारत हाइड्रोकार्बन से समृद्ध कजाखस्तान के साथ रिफाइनरियों के निर्माण परियोजनाओं में सहयोग का इच्छुक है।
अस्ताना:

कजाखस्तान के राष्ट्रपति नुरसुल्तान नजरबेव के साथ वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत हाइड्रोकार्बन से समृद्ध देश कजाखस्तान के साथ तेल रिफाइनरियों के निर्माण जैसी परियोजनाओं में सहयोग का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि वह असैन्य परमाणु के क्षेत्र में कजाखस्तान के साथ सतत सहयोग की उम्मीद करते हैं क्योंकि भारत सरकार ने अपने परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा करने पर जोर दिया है। सिंह ने बताया, मैं द्विपक्षीय सहयोग की स्थिति की समीक्षा करूंगा और भावी द्विपक्षीय सहयोग के लिए रूपरेखा पर चर्चा करूंगा। प्रधानमंत्री ने सहयोग के लिए हाइड्रोकार्बन क्षेत्र को एक रणनीतिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि कैस्पियन सीट में सतपेव ऑयल ब्लाक में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का ओवीएल को हस्तांतरण के लिए समझौते पर बातचीत काफी आराम से आगे बढ़ी है और इस यात्रा के दौरान उन्हें एक सहमति बनने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हम तेल रिफाइनरियों के निर्माण और उर्जा क्षेत्र में अन्य परियोजनाओं में कजाखस्तान के साथ सहयोग के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री शनिवार को नजरबेव के साथ मुलाकात करेंगे।


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