खास बातें
- द्रमुक सांसद कनिमोई ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करते हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोप खारिज करने की मांग की।
नई दिल्ली: द्रमुक सांसद कनिमोई ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करते हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोप खारिज करने की मांग की। कनिमोई ने दावा किया कि मामले में उन्हें गलत फंसाया जा रहा है।
कनिमोई ने दलील दी कि कथित तौर पर घूस लेने के आरोपों को न्यायोचित ठहराने के लिए उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं, लिहाजा, उन्हें आरोपों से बरी किया जाना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य ने अपनी याचिका में कहा, ‘याचिकाकर्ता (कनिमोई) को मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और रिकॉर्ड में कोई साक्ष्य नहीं हैं जिससे याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोपों को उचित ठहराया जा सके।’
तिहाड़ जेल में छह महीने से अधिक सजा काटने के बाद जमानत पर रिहा होने वाली 44 वर्षीय कनिमोई ने आरोप तय किए जाने के बाद शुरू की गई सभी कार्यवाहियों को दरकिनार करने की भी गुजारिश की है।
विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने पिछले साल 22 अक्टूबर को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, कनिमोई और 15 अन्य के खिलाफ विभिन्न अपराधों के लिए आरोप तय किए थे।
कनिमोई ने दावा किया कि वह अक्टूबर, 2007 से जनवरी, 2008 के बीच की घटनाओं से वाकिफ नहीं थीं और ‘इस तरह की जानकारियों के अभाव में यह समझ से परे है कि याचिकाकर्ता षडयंत्र का हिस्सा बनने को राजी हो गया।’