खास बातें
- जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने कहा कि समिति के समक्ष सभी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों को गवाही के लिए बुलाया जाएगा।
नई दिल्ली: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन एवं कीमतों में अनियमितता मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने कहा कि उसके समक्ष सभी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों और 1998 से सभी दूरसंचार सचिवों को गवाही के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि रतन टाटा और अनिल अंबानी को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की योजना नहीं है। जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने कहा कि समिति के समक्ष सभी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों को गवाही के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह रतन टाटा और अनिल अंबानी में कोई फर्क नहीं करते हैं। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि टाटा और अंबानी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए बुलाए जाने की कोई योजना है। उन्होंने कहा कि समिति की सात और आठ जुलाई को अगली बैठक में 1998 के बाद के सभी दूरसंचार सचिवों को गवाही के लिए बुलाया जाएगा। जिन लोगों को उपस्थित होने के लिए कहा गया है उनमें पीजे थामस, डीएस माथुर, जेएस शर्मा, नृपेन्द्र मिश्रा, विनोद वैश, श्यामल घोष, अनिल कुमार और एवी गोकाक शामिल हैं। समिति के समक्ष प्रधानमंत्री को बुलाए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य ने प्रधानमंत्री को गवाह के तौर पर बुलाने का सुझाव नहीं दिया। चाको ने स्पष्ट किया कि ए राजा को एक पूर्व मंत्री के रूप में बुलाया जाएगा, आरोपी के तौर पर नहीं। बैठक में तय हुआ कि समिति की बैठक अब सप्ताह में दो बार (प्रत्येक मंगलवार और बुधवार) को होगी। जेपीसी के अध्यक्ष ने कहा कि समिति सीबीआई के आरोपपत्र को गंभीरता से देख रही है।