सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
खास बातें
- अन्य देशों में जीएसटी से महंगाई बढ़ी : येचुरी
- वित्त मंत्रालय ने की सात चुनौतियों की पहचान
- 60 हजार अधिकारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
नई दिल्ली: "जीएसटी लागू होने से लंबी अवधि में कर की दर नीचे आएगी. बहुत सारी वस्तुएं ऐसी हैं जिनके दाम कम हो सकते हैं." वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को राज्यसभा में लंबी जद्दोजहद के बाद जीएसटी पारित होने के अगले ही दिन यह दावा किया. जेटली ने कहा कि जीएसटी से भारत में व्यापार करना भी आसान हो जाएगा.
सोच समझकर तय किया जाए रेट
आने वाले साल में जीएसटी से महंगाई कम होने के वित्त मंत्री के दावे पर विपक्ष ने जवाब देने में देरी नहीं की. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि दुनिया के दूसरे देशों का अनुभव यह रहा है कि जीएसटी लागू होने से महंगाई बढ़ी है. एनडीटीवी से बात करते हुए येचुरी ने कहा, "जहां तक जीएसटी का सवाल है, दुनिया का अनुभव यह है कि इसे लागू करने के बाद दाम बढ़े हैं...आर्थिक बोझ बढ़ा है। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को काफी सोच-समझकर जीएसटी रेट तय करना होगा."
वित्त मंत्रालय ने तैयार किया रोडमैप
उधर वित्त मंत्रालय ने जीएसटी को लागू करने के लिए रौडमैप तैयार कर लिया है. राजस्व सचिव ने कहा कि जीएसटी लागू करने की राह में सात चुनौतियों की पहचान की गई है. इनमें जीएसटी की दरों को तय करना, रियायतों की सूची और केंद्र और राज्यों के राजस्व के आधार का हिसाब-किताब करना शामिल है.
अब तैयारी आजादी के बाद अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में आधारभूत बदलाव के इस पहल के लिए अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग देने की भी है. राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने कहा "हम जीएसटी कानून को सही तरीके से लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के 60,000 अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग देंगे."
भारत सरकार का दावा है कि अगले तीस दिन के अंदर जीएसटी को कम से कम 16 राज्यों की मंजूरी मिल जाएगी...अब तैयारी अगले साल मार्च तक जीएसटी को लागू करने से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की है...जिससे इसे एक अप्रैल 2016 से पूरे देश में लागू किया जा सके.