खास बातें
- पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली के खरीद-फरोख्त व्यवसाय में उतरेगी।
New Delhi: पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली के खरीद-फरोख्त व्यवसाय में उतरेगी। आईओसी के नवनियुक्त अध्यक्ष आरएस बुटोला ने कहा कि कंपनी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के खुदरा विपणन कारोबार में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाते हुए बिजली व्यापार (मर्चेंट पॉवर) व्यवसाय में उतरेगी। कंपनी की देशभर में फैली आठ रिफाइनरियों में अपने बिजली घर हैं। ये बिजली घर कंपनी की रिफाइनरियों की विद्युत जरूरत के लिए लगाए गए हैं, लेकिन अब कंपनी पेटकोक से बिजली बनाने के बारे में योजना बना रही है। रिफाइनरियों में कच्चे तेल की शोधन प्रक्रिया में पेटकोक बनता है। बुटोला ने कहा, हम मर्चेंट पॉवर व्यावसाय में उतरने के बारे में सोच रहे हैं, इसके लिए हमारे पास कच्चामाल और अन्य जरूरी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। कंपनी के पास कुल मिलाकर 1100 से लेकर 1200 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है। ज्यादातर रिफाइनरियों में उनकी जरूरत से ज्यादा बिजली है, जिसका बाहर व्यापार किया जा सकता है। आईओसी की डिग्बोई रिफाइनरी में पांच मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है। इसे असम ग्रिड में जारी करने के लिए समझौता हो चुका है। इसी प्रकार अन्य रिफाइनरी परिसरों में उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का भी व्यापार किया जा सकता है। हालांकि, बुटोला का मानना है कि कंपनी को सबसे पहले पेट्रोलियम पदार्थों की मार्केटिंग के अपने मुख्य कारोबार में मजबूती पर ध्यान देना होगा।