यह ख़बर 14 जनवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

महंगाई दर तीन सालों के निचले स्तर पर, दर घटने की सम्भावना

खास बातें

  • देश में दिसम्बर महीने के लिए महंगाई दर घटकर तीन सालों में सबसे कम 7.18 फीसदी दर्ज की गई। महंगाई दर में गिरावट से उद्योग जगत और बैंकों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद जगी है।
नई दिल्ली:

देश में दिसम्बर महीने के लिए महंगाई दर घटकर तीन सालों में सबसे कम 7.18 फीसदी दर्ज की गई। महंगाई दर में गिरावट से उद्योग जगत और बैंकों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद जगी है।

सोमवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक बिजली और ईंधन मूल्य कम होने के कारण महंगाई दर घटी। नवम्बर महीने के लिए महंगाई दर 7.24 फीसदी थी और दिसम्बर 2011 के लिए महंगाई दर 7.74 फीसदी थी। ताजा दर दिसम्बर 2009 के बाद से न्यूनतम है।

महंगाई दर में कमी से नीति निर्माताओं को कुछ राहत मिलेगी, जो महंगाई दबाव कम करने और आर्थिक विकास में तेजी लाने की जरूरत के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के बाद भी महंगाई दर ऊपरी स्तर पर बनी हुई है।

रिजर्व बैंक पर 29 जनवरी 2013 को 2012-13 की तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती करने का दबाव बना रहेगा। महंगाई दर के आंकड़े आने का शेयर बाजार पर अनुकूल असर देखा गया।

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 242.77 अंकों की तेजी के साथ 19,906.41 पर बंद हुआ।

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "लगातार दूसरे माह महंगाई दर में गिरावट से रिजर्व बैंक को 29 जनवरी को दरों में कटौती की सुविधा मिलेगी।"

भारत में डिलायटी के वरिष्ठ निदेशक अनीस चक्रवर्ती ने कहा, "25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद है। हालांकि उपभोक्ता खाद्य महंगाई दर को लेकर चिंता है, जो 10 फीसदी से अधिक हो गई है।"

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसम्बर में उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 10.56 फीसदी हो गई, जो पिछले महीने 9.90 फीसदी थी।

नवम्बर महीने के औद्योगिक उत्पादन के खराब आंकड़े के कारण भी हालांकि रिजर्व बैंक पर दरों में कटौती का दबाव रह सकता है। नवम्बर 2012 में औद्योगिक उत्पादन साल दर साल आधार पर 0.1 फीसदी कम रही।

खाद्य महंगाई दर हालांकि दिसम्बर 11.16 फीसदी रही, जो रिजर्व बैंक के लिए चिंता का कारण बन सकती है। दिसम्बर 2011 में यह 0.79 फीसदी थी।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में प्याज, आलू, गेहूं, चावल और अनाज की कीमत में वृद्धि के कारण खाद्य महंगाई बढ़ी।

प्याज 69.24 फीसदी, आलू 89.68 फीसदी, गेहूं 23.23 फीसदी, चावल 17.10 फीसदी, अनाज 19.02 फीसदी और दलहन 17.57 फीसदी महंगा हुआ। थोक बाजार में सब्जी 23.25 फीसदी महंगी हुई।

फलों में महंगाई हालांकि घटकर 5.76 फीसदी हुई, जो एक साल पहले 8.78 फीसदी थी। दूध की महंगाई दर भी 5.825 फीसदी रही, जो एक साल पहले 11.02 फीसदी थी।

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अंडे, मांस और मछली की महंगाई भी घटकर 10.18 फीसदी रही, जो 13.10 फीसदी थी। ईंधन और बिजली महंगाई घटकर 9.38 फीसदी रही, जो एक साल पहले 14.98 फीसदी थी। विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर भी घटकर 5.04 फीसदी रही, जो एक साल पहले 7.64 फीसदी थी।