नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्द ने कहा है कि भारत में हाल में नीतिगत सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों तथा व्यापार विश्वास में सुधार से देश की अर्थव्यवस्था का आकार अगले चार साल में जापान और जर्मनी के संयुक्त जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) से ऊपर पहुंच जाएगा।
फिलहाल भारतीय अर्थव्यवसथा 2,000 अरब डॉलर की है। आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की प्रमुख ने एक व्याख्यान में कहा, 'वास्तव में आपकी आंखों के सामने उज्ज्वल भविष्य तैयार हो रहा है।
2019 तक अर्थव्यवस्था का आकार 2009 की तुलना में दोगुने से अधिक हो जाएगा। अर्थव्यवस्थाओं के बीच क्रय शक्ति समतूल्यता में अंतर के समायोजन के आधार पर भारत का जीडीपी जापान और जर्मनी की संयुक्त अर्थव्यवस्था के आकार से ऊपर पहुंच जाएगा।'
क्रिस्टीन लेगार्द ने यह भी कहा, 'भारत का उत्पादन भी तीन दूसरी सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों जैसे रूस, ब्राजील और इंडोनेशिया के संयुक्त उत्पादन से ऊपर पहुंच जाएगा। इसीलिए यह साफ है कि उभरते बाजारों में भारत का महत्व बढ़ेगा।' क्रिस्टीन ने कहा, 'हाल के नीतिगत सुधारों तथा व्यवसाय जगत के विश्वास में सुधार से देश में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।'
उन्होंने कहा कि जीडीपी आकलन के लिये भारत के नये मानदंडों का उपयोग करते हुए आईएमएफ को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी और अगले साल यह 7.5 प्रतिशत हो जाएगी। इस तरह भारत दुनिया में तीव्र वृद्धि हासिल करने वाला देश बन जाएगा।