यह ख़बर 07 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भारतीयों को एफडीआई जैसे मुद्दों पर स्वयं चर्चा करनी चाहिए : अमेरिका

खास बातें

  • अमेरिका ने कहा कि भारत मजबूत और जीवंत लोकतांत्रित देश है जो अपने हितों के बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर सकता है।
वॉशिंगटन:

अमेरिका ने कहा है कि भारतीय स्वयं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जैसे मुद्दों तथा अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव पर चर्चा करें और उस पर निर्णय करें। अमेरिका ने कहा कि भारत मजबूत और जीवंत लोकतांत्रित देश है जो अपने हितों के बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर सकता है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, ‘‘भारत मजबूत और जीवंत लोकतांत्रिक देश है और यह उपयुक्त है कि वे इस प्रकार के मुद्दों से संबद्ध सभी पहलुओं तथा अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले उसके प्रभावों पर चर्चा करें।’’ खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर संसद में जारी चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह बात कही।

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प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम अमेरिकी कारोबार को भारत तथा दुनिया भर में बढ़ावा देते रहेंगे लेकिन साथ ही हम यह भी चाहेंगे भारतीय राजनीतिक व्यवस्था स्वयं इस पर निर्णय करे।’’ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा संसद में लाया गया प्रस्ताव गिर गया है।