खास बातें
- ब्रिटेन के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय कंपनियां मुख्य रूप से ब्रिटेन के आईटी, वित्तीय सेवाएं, जीव विज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश करना चाहती हैं।
नई दिल्ली: भारत की करीब 50 कंपनियां चालू वित्त वर्ष में ब्रिटेन में निवेश की इच्छुक हैं। ब्रिटेन के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि भारतीय कंपनियां मुख्य रूप से ब्रिटेन के आईटी, वित्तीय सेवाएं, जीव विज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश करना चाहती हैं। ब्रिटेन के व्यापार एवं निवेश प्रमुख (उत्तर भारत) पॉल ग्रे ने फिक्की के एक कार्यक्रम के मौके पर कहा, चालू वित्त वर्ष में हम 50 भारतीय कंपनियों द्वारा निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। इनमें बड़ी, मझोली और छोटी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, ग्रे ने उन कंपनियों का नाम नहीं बताया जो ब्रिटेन में निवेश की इच्छुक हैं। फिलहाल 700 भारतीय कंपनियों का ब्रिटेन में कामकाज है। इनमें टाटा मोटर्स, टीसीएस, विप्रो और टाटा स्टील शामिल हैं। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों द्वारा तीन अरब डालर से अधिक का निवेश किया गया है। ब्रिटेन की कंपनियों के भारत में निवेश के बारे में पूछे जाने पर ग्रे ने कहा, हम हर साल ऐसी 2,000 कंपनियों के साथ काम करते हैं, जो यहां ज्यादा कारोबार करना चाहती हैं। इनमें से ज्यादातर कंपनियां समय के साथ यहां अपना कामकाज स्थापित कर लेती हैं। इस समय भारत में एचएसबीसी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड सहित कई ब्रिटिश कंपनियों का परिचालन है।