खास बातें
- भारत खिसककर छठे पायदान पर पहुंचा
- भारत इस रैंकिंग में अव्वल यानी पहले नंबर पर बना हुआ था
- 2017 की तीसरी तिमाही से ही कंपनियों का भरोसा डिगा है
नई दिल्ली: कंपनियों के विश्वास सूचकांक में भारत इस साल की पहली तिमाही में खिसककर छठे पायदान पर आ गया. एक वैश्विक सर्वे के अनुसार, व्यापार को लेकर धारणा चार साल में सबसे कमजोर होने के बीच भारत की वैश्विक रैंकिंग में यह गिरावट आई है. यह अध्ययन ग्रांट थोरंटन वैश्विक व्यापार सर्वे यहां जारी किया गया. इसके अनुसार, भारत में व्यापार धारणा इस साल की पहली तिमाही में 2014 के बाद सबसे कमजोर रही.
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अध्ययन का कहना है कि मुद्रा में कमजोरी तथा तेल कीमतों में तेजी के चलते 2017 की तीसरी तिमाही से ही कंपनियों का भरोसा डिगा है. इस रपट के अनुसार,‘2018 की पहली तिमाही में वैश्विक स्तर पर भारत की रैंकिंग छठी रही. 2014 में मौजूदा सरकार के अस्तित्व में आने के समय से ही भारत इस रैंकिंग में अव्वल यानी पहले नंबर पर बना हुआ था.’
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लेकिन ताजा सूचकांक में वह 89 अंक के साथ छठे पायदान पर है. सूचंकाक के पांच शीर्ष देशों में ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, इंडोनेशिया, नीदरलैंड व अमेरिका है.