यह ख़बर 05 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'एफडीआई के मामले में चीन को पछाड़ देगा भारत'

खास बातें

  • एफडीआई के मामले में भारी वृद्धि दर्ज कर चुका भारत चीन को पछाड़ कर अगले 10 साल में एफडीआई का प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।
चेन्नई:

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में पिछले कुछ वर्षों में भारी वृद्धि दर्ज कर चुका भारत चीन को पछाड़ कर अगले 10 साल में एफडीआई का प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा। यह बात जापान के एक शीर्ष अर्थशास्त्री शुजिरो उराता ने कही। वासेदा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शुजिरो उराता ने कहा कि हालांकि एफडीआई आकर्षित करने के संबंध में भारत चीन से पीछे है लेकिन यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 10 साल में भारी निवेश के साथ यह अव्वल नंबर पर होगा। पूर्वी एशिया में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और जापान-भारत व्यापक आर्थिक भागीदारी संधि पर अपनी प्रस्तुति में उराता ने चीन, भारत, इंडोनेशिया और जापान की आर्थिक वृद्धि दर का मुकाबला शेष विश्व से किया और कहा कि चीन की वृद्धि दर आश्चर्यजनक है जबकि भारत की वृद्धि दर 1991 से तेजी से बढ़ रही है। इसके उलट जापान निम्न आर्थिक वृद्धि दर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नीति निर्माताओं को बढ़ती जनसंख्या और विशेषतौर पर अशिक्षित आबादी से निपटना पड़ेगा अन्यथा ये अर्थव्यवस्था पर बोझ बन जाएंगे।


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