मोबाइल डेटा खपत में भारत ने अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ा, बन गया दुनिया में नंबर वन

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने देश में मोबाइल डेटा खपत के बारे में ट्वीट करके दी जानकारी

मोबाइल डेटा खपत में भारत ने अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ा, बन गया दुनिया में नंबर वन

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि मोबाइल डेटा खपत के मामले में भारत अब दुनिया में नंबर वन हो गया है.

खास बातें

  • भारत में प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा खपत
  • अमिताभ कांत ने इस आंकड़े के स्रोत के बारे में नहीं बताया
  • मुकेश अंबानी ने इंटरनेट डेटा को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए ऑक्सीजन कहा था
नई दिल्ली:

आश्चर्यजनक रूप से भारत में अब प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा की खपत होने लगी है. इस मामले में अब भारत दुनिया में पहले नंबर पर पहुंच गया है. नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मोबाइल डेटा खपत के बारे में आंकड़ों का खुलासा किया है.

अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा कि भारत प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा खपत कर दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा खपत करने वाला देश बन गया है. कांत ने ट्वीट कर कहा, "अविश्वसनीय! प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा इस्तेमाल कर, भारत मोबाइल डेटा खपत के मामले में दुनिया का नंबर एक देश बन गया है."
 


उन्होंने कहा है कि मोबाइल डेटा की भारत में खपत अमेरिका और चीन से भी अधिक है. हालांकि अमिताभ कांत ने इस आंकड़े के स्रोत के बारे में नहीं बताया है.

VIDEO : डिप्रेशन और इंटरनेट की लत


गौरतलब है कि सितंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने इंटरनेट डेटा को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए ‘ऑक्सीजन’ और इस युग का ‘तेल’ करार दिया था. उन्होंने कहा था कि आने वाले दस साल में भारत दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा और यह उपलब्धि हासिल करने के लिए भारतीय दूरसंचार व आईटी उद्योग को बड़ी भूमिका निभानी होगी. उन्होंने कहा था कि डेटा ही डिजिटल अर्थव्यवस्था की ऑक्सीजन है. हम भारतीयों को इस महत्वपूर्ण संसाधन से वंचित नहीं कर सकते. हमें किफायती कीमतों पर सबको समान हाईस्पीड डेटा उपलब्ध करवाना होगा.
(इनपुट आईएएनएस से भी)

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