खास बातें
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा कि भारत और चीन के नेतृत्व में एशिया की विकास दर आठ प्रतिशत होने की उम्मीद है।
वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने गुरुवार को कहा कि भारत और चीन के नेतृत्व में एशिया की विकास दर आठ प्रतिशत होने की उम्मीद है। कोष द्वारा हांगकांग में जारी की गई 'रीजनल इकोनॉमिक आउटलुक' रपट में कहा गया कि एशिया से निर्यात और घरेलू मांग में वृद्धि से आर्थिक विकास की गति तेज हो रही है और एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में इस वर्ष और अगले वर्ष ऊंची विकास दर दर्ज होने की उम्मीद है। कोष के एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र विभाग के निदेशक अनूप सिंह ने कहा कि क्रमश: आठ प्रतिशत और 9.50 प्रतिशत की दर से विकास कर रहे भारत और चीन के नेतृत्व में ऊंची विकास दर अर्जित होने की उम्मीद है। कोष ने कहा इन देशों की ऊंची विकास दर क्षेत्र (और विश्व) के अन्य देशों के लिए लाभप्रद साबित हो रही है खासकर विभिन्न जिंसों की मांग को लेकर। नीतिगत सख्ती के कारण निवेश में कमी आने से चीन की विकास दर वर्ष 2010-11 के 10.33 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2011-12 में 9.50 प्रतिशत होने की संभावना है। सिंह ने कहा, "संतुलित, स्थाई और समेकित विकास अभी भी एशिया के नीति निर्माताओं के लिए चुनौती बने हुए हैं।" उन्होंने कहा कि समेकित श्रम बाजार के जरिए असमानता घटाने की जरूरत है जिससे सामाजिक स्थिरता को लेकर पैदा हुए जोखिम कम किए जा सके और निजी घरेलू मांग बढ़ाने के लिए विकास के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने की जरूरत है। रपट में कहा गया कि एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में वर्ष 2011 की शुरुआती बेहतर आर्थिक विकास के माहौल से हुई जो कि 2010 के अंत में तीव्र घरेलू मांग और निर्यात का परिणाम है। भारत और कोरिया में मांग ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। बेहतर माहौल और कीमतों में वृद्धि के कारण इस क्षेत्र में कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई है, खासकर भारत और फिलीपींस में। कुछ अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक सख्ती के बावजूद पूंजीगत लागत अभी भी आर्थिक मंदी से पूर्व के स्तर और ऐतिहासिक औसत स्तर की तुलना में कम बनी हुई है। साथ ही इस क्षेत्र में बैंक द्वारा कर्ज देने की दर लगातार बढ़ रही है। व्यावसायिक उद्यमों द्वारा वर्ष 2010 में हिस्सेदारी और ऋण पत्र जारी करने की दर बढ़ी है। एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं चीन, भारत, कोरिया में यह दर ज्यादा रही है। इससे विदेशी निवेशकों की ओर से जोखिम बढ़ने का भी संकेत मिलता है।