खास बातें
- वित्त मंत्री आयकर छूट सीमा को मौजूदा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये सालाना कर सकते हैं।
नई दिल्ली: अगले बजट में आम नौकरीपेशा लोगों को आयकर में कुछ राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री आयकर छूट सीमा को मौजूदा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये सालाना कर सकते हैं।
प्रत्यक्ष कर क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए संसद में पेश प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) में भी यही व्यवस्था की गई है। इसमें दो लाख रुपये तक की सालाना आय को करमुक्त रखने और विभिन्न कर दरों की श्रेणी में आय सीमा बढ़ाई गई है।
केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समक्ष जिस तरह की राजकोषीय दिक्कतें इस समय हैं उन्हें देखते हुए आयकर की दरों में तो कमी के कोई आसार नजर नहीं आते हैं, लेकिन इतना जरूर है कि सरकार डीटीसी की कुछ प्रमुख सिफारिशों को आगामी बजट में सुविधानुसार शामिल कर सकती है।
डीटीसी में आयकर छूट सीमा 1.8 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का प्रावधान किया गया है। डीटीसी विधेयक फिलहाल संसद की स्थायी समिति के विचाराधीन है। विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि 30 फीसद व्यक्तिगत आयकर 10 लाख रुपये सालाना आय से अधिक कमाने वालों पर लगाया जाना चाहिए। इस समय यह सीमा आठ लाख रुपये है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी मार्च मध्य में किसी समय 2012-13 का आम बजट पेश करेंगे। उच्च, मुद्रास्फीति के बीच उद्योग भी आयकर स्लैब बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। बहरहाल माना जा रहा है कि सरकार मौजूदा कर दरों को 10, 20 और 30 प्रतिशत के स्तर पर बरकरार रखेगी।