यह ख़बर 16 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारत, चीन के तेज विकास से गरीबी हटाने में मदद

खास बातें

  • भारत और चीन में तेज आर्थिक विकास के कारण लगभग दो तिहाई विकासशील देशों में गरीबी हटाने की कोशिशों में मदद मिल रही है।
वाशिंगटन:

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुताबिक भारत और चीन में तेज आर्थिक विकास के कारण लगभग दो तिहाई विकासशील देशों में गरीबी हटाने की कोशिशों में मदद मिल रही है। ग्लोबल मॉनीटरिंग रिपोर्ट 2011 में कहा गया कि ताजा चलन के कारण हालिया वैश्विक मंदी के बावजूद विकासशील देश 2015 तक गरीबी को आधा करने के अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ रहे हैं। रोजाना 1.25 डॉलर कमाने वाले लोगों की संख्या इन देशों में 1990 में 1.8 अरब थी, जो 2005 में घटकर 1.4 अरब रह गई और 2015 में इसके 88.3 करोड़ हो जाने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि गरीबों की संख्या में हो रही कमी अधिकतर चीन और भारत में हो रही है, जबकि अधिकतर अफ्रीकी देश इस दिशा में समुचित प्रगति नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि समग्र रूप से विकासशील देशों में गरीबों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जहां इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं अनुसूचित जनजाति की स्थिति में अधिक सुधार नहीं हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि 1980 के बाद भारत में अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद जो तेजी आई है, उस पर कई योजनाओं की असफलता का भी नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक मंदी के बाद विकासशील क्षेत्र में हुई तेज प्रगति कारण कई देश 2010 में ही मंदी से पहले वाली स्थिति में आ गए। इसमें भारत और चीन को मिली सफलता विशेष रूप से उल्लेखनीय है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com