स्वर्ण बॉन्ड की दूसरे चरण की बिक्री 18 जनवरी से, मौद्रीकरण योजना से मिला 500 किलो सोना

स्वर्ण बॉन्ड की दूसरे चरण की बिक्री 18 जनवरी से, मौद्रीकरण योजना से मिला 500 किलो सोना

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

सोने की हाजिर मांग में कमी लाने के मकसद से सरकार सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना का दूसरा चरण 18 जनवरी को शुरू करने जा रही है। यह योजना अभिदान के लिए अगले सप्ताह पांच दिन तक खुली रहेगी। वहीं स्वर्ण मौद्रीकरण योजना से सरकार के पास अभी तक घरों और मंदिरों में निष्क्रिय पड़ा 500 किलोग्राम सोना आया है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि स्वर्ण बॉन्ड योजना 18-22 जनवरी तक खुली रहेगी। पहले चरण की स्वर्ण बॉन्ड योजना नवंबर में शुरू की गई थी। इस दौरान सरकार ने 915.95 किलोग्राम सोने पर आधारित 246 करोड़ रुपये मूल्य के स्वर्ण बॉन्ड की बिक्री की।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशकों से कहा है कि वे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के दूसरे चरण में संभावित निवेशकों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने को अपना पूरा प्रयास करें।

बैंकों के प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जेटली ने दूसरे चरण की योजना को लेकर उनकी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ‘‘सरकार आगामी चरणों में भी इस योजना का विस्तार करने की इच्छुक है।’’

स्वर्ण बॉन्ड 5 ग्राम, 10 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम सोने के आधार पर जारी किए जाते हैं। इनकी परिपक्वता अवधि पांच से सात साल की है। इसमें ब्याज दर की गणना निवेश के समय धातु के मूल्य के हिसाब से की जाती है। स्वर्ण बॉन्ड योजना में कोई भी व्यक्ति सालाना 500 ग्राम तक निवेश कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 5 नवंबर को इस योजना का शुभारंभ किया था।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि बैंकों ने आश्वासन दिया है कि वे अपने संभावित निवेशकों को सूचित करने के लिए अपने शाखा नेटवर्क को सक्रिय करने का भरसक प्रयास करेंगे। इसमें कहा गया है कि जमाकर्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार आकाशवाणी, एफएम रेडियो, प्रिंट मीडिया तथा मोबाइल एसएमएस के जरिये अपना मीडिया अभियान जारी रखेगी।

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स्वर्ण मौद्रीकरण योजना के बारे में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास ने ट्वीट किया कि इस योजना के तहत पहले से 500 किलोग्राम से अधिक सोना जुटाया जा चुका हैं यह योजना रफ्तार पकड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘सरकार स्वर्ण बांड और स्वर्ण मौद्रिकरण योजना दोनों को ही सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’