खास बातें
- देश में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के निर्यात और आयात में वर्ष 2009 में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
संयुक्त राष्ट्र: देश में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के निर्यात और आयात में वर्ष 2009 में तेज वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के मुताबिक इस अवधि में आईसीटी का दो तिहाई निर्यात एशियाई देशों से हुआ। व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) द्वारा संकलित किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश से आईसीटी के निर्यात में जहां 244 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, वहीं निर्यात में भी अत्यधिक वृद्धि के कारण वैश्विक निर्यातकों की सूची में भारत का स्थान 28वें से घटकर 17वें पर आ गया। एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक विश्व का एक तिहाई से अधिक आईसीटी निर्यात चीन और हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र से हुआ। चीन से 2009 में 356 अरब डॉलर का, उसके बाद हांगकांग से 142 अरब डॉलर का और उसके बाद अमेरिका से 113 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। कुल निर्यात में आईसीटी के योगदान के लिहाज से सबसे अधिक हांगकांग ने इस अवधि में कुल निर्यात का 43 फीसदी आईसीटी का निर्यात किया। इसके बाद चीन, सिंगापुर और फिलिपींस ने कुल निर्यात का 30 फीसदी या उससे अधिक आईसीटी का निर्यात किया। पुर्तगाल, फिनलैंड, चेक गणराज्य, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडेन, जापान और अमेरिका में इस अवधि में आईसीटी निर्यात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आईसीटी के आयातकों में इस अवधि में अमेरिका अव्वल रहा। इसके बाद चीन और हांगकांग रहे। उधर फिनलैंड, आयरलैंड, पुर्तगाल, रूस और स्पेन के आईसीटी आयात में 35 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई। एशिया और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में आईसीटी कुल निर्यात का बड़ा हिस्सा रहा। कुछ लैटिन अमेरिकी देशों जैसे, कोस्टा रिका, मेक्सिको और पराग्वे में भी कुल निर्यात में 17 फीसदी से अधिक आईसीटी की हिस्सेदारी रही।