नैनो को लेकर रतन टाटा के साथ मतभेद, इससे कंपनी के वित्त पर गंभीर प्रभाव पड़ा : नुस्ली वाडिया

नैनो को लेकर रतन टाटा के साथ मतभेद, इससे कंपनी के वित्त पर गंभीर प्रभाव पड़ा : नुस्ली वाडिया

नुस्ली वाडिया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

निष्कासन प्रस्ताव का सामना कर रहे टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक नुस्ली वाडिया ने आज कहा कि छोटी कार नैनो के कारोबार को जारी रखने को लेकर उनका टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा के साथ मतभेद था क्योंकि यह कंपनी के वित्तीय संसाधनों में सेंध साबित हो चुकी है.

गौरतलब है कि टाटा संस ने वाडिया को निदेशक पद से हटाने के लिये टाटा मोटर्स के शेयरधारकों की असाधारण बैठक अगले सप्ताह बुलायी है. शेयरधारकों की असाधारण बैठक से पहले वाहन कंपनी के शेयरधारकों को लिखे पत्र में वाडिया ने कहा कि नैनो के मामले में निवेश तथा नुकसान हजारों करोड़ रुपये का है.

छोटी कार के बंद किये जाने के पीछे कारण देते हुए वाडिया ने कहा, ‘नैनो को 2008 में पेश किया गया और शुरू में इसे एक लाख रुपये में बेचने का विचार था. बाद में इसका टाटा मोटर्स के वित्तीय संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ा. 2.25 लाख रुपये की कीमत पर भी कार न तो बिकती है और न ही व्यावहारिक है क्योंकि प्रत्येक वाहन की बिक्री पर कंपनी को अच्छा-खासा नुकसान हो रहा है.’ उन्होंने लिखा है, ‘इसके वाणिज्यिक रूप से विफल रहने जो इसके पेश किये जाने के कुछ समय बाद ही यह बात साबित हो गयी, के बाद मैंने इसके परिचालन और वित्त पोषण जारी रखने को लेकर विरोध जताया. इसके कारण काफी नुकसान हुआ. निवेश 2.5 लाख कार बनाने के हिसाब से किया गया था जबकि क्षेत्र में 2015-16 में उत्पादन 20,000 कारें थी और फिलहाल यह और कम है.’

कार के विनिर्माण को जारी रखने को लेकर आगाह करते हुए वाडिया ने कहा, ‘नैनो को बंद करने में देरी से कंपनी के वित्त पर गंभीर असर पड़ रहा है. इसके अलावा इससे कंपनी के यात्री वाहन कारोबार पर नकारात्मक छवि बनी है.’

 


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