जीएसटी (GST) लागू होने के बाद इलाज करवाना होगा महंगा? अपोलो हॉस्पिटल ने चेताया

अपोलो हास्पिटल्स के चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने कहा कि अगर हेल्थकेयर लागत दो प्रतिशत तक बढ़ती है तो अस्पताल उसे अपने स्तर पर वहन की स्थिति में होंगे लेकिन उससे अधिक बढ़ोतरी होने पर उसका बोझ तो उपभोक्ताओं यानी रोगियों पर डालना ही होगा. 

जीएसटी (GST) लागू होने के बाद इलाज करवाना होगा महंगा? अपोलो हॉस्पिटल ने चेताया

जीएसटी (GST) लागू होने के बाद इलाज करवाना होगा महंगा? - प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  • कुछ सेवाओं व उत्पादों पर 15-18 प्रतिशत की दर से कर लगेगा
  • हालांकि हेल्थकेयर को जीएसटी से छूट दी गई है
  • जीएसटी के बाद अस्पतालों के लिए लागत लगभग दो प्रतिशत अधिक रहेगी
नई दिल्ली:

देश भर में अस्पताल चलाने वाली प्रमुख कंपनी अपोलो हास्पिटल्स ने कहा कि वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के कार्यान्वयन के बाद कुल मिलाकर हेल्थकेयर लागत बढ़ सकती है क्योंकि कुछ सेवाओं व उत्पादों पर 15-18 प्रतिशत की दर से कर लगेगा. हालांकि हेल्थकेयर को जीएसटी से छूट दी गई है.

अपोलो हास्पिटल्स के चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने कहा कि अगर हेल्थकेयर लागत दो प्रतिशत तक बढ़ती है तो अस्पताल उसे अपने स्तर पर वहन की स्थिति में होंगे लेकिन उससे अधिक बढ़ोतरी होने पर उसका बोझ तो उपभोक्ताओं यानी रोगियों पर डालना ही होगा. 

रेड्डी ने कहा, हमारे लिए कोई जीएसटी नहीं है लेकिन कुछ उत्पादों व कुछ सेवाओं पर 15-18 प्रतिशत जीएसटी दर का बोझ हम पर पड़ेगा. इसलिए, जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद अस्पतालों के लिए लागत लगभग दो प्रतिशत अधिक रहेगी. रेड्डी ने कहा, अगर बढ़ोतरी दो प्रतिशत तक होती है तो अस्पताल इसे वहन कर लेंगे लेकिन अगर यह वृद्धि तीन या चार प्रतिशत होती है तो रोगियों को बोझ उठाना पड़ेगा. देश में जीएसटी का कार्यान्वयन एक जुलाई से प्रस्तावित है. जीएसटी परिषद ने हेल्थकेयर को जीएसटी से छूट दी है.

रेड्डी ने हेल्थकेयर को जीएसटी से अलग रखने के सरकार के कदम का स्वागत किया. उल्लेखनीय है कि अपोलो हास्पिटल्स ने इससे पहले कहा थ कि सरकार ने हेल्थकेयर व शिक्षा को वांछित महत्व दिया है. रेड्डी ने यह भी कहा कि नोटबंदी के असर से उबरते हुए कंपनी अब सामान्य रूप से परिचालन कर रही है और बढ़ रही है. देश भर में कंपनी के 64 अस्पताल हैं.


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