खास बातें
- शेयर बाजार में पिछले तीन दिन से चल रही गिरावट का सिलसिला और तेज हो गया तथा बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 478 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई: शेयर बाजार में पिछले तीन दिन से चल रही गिरावट का सिलसिला और तेज हो गया तथा बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 478 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में नरमी से स्थानीय बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया था।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 477.82 अंक टूटकर 17,445.75 अंक पर बंद हुआ। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 977.82 अंक टूट चुका है। सोमवार को कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 17,381.64 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 148.10 अंक की गिरावट के साथ 5,281.20 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।