खास बातें
- सरकार ने बढ़ते व्यापार घाटे को रोकने और निर्यात में तेजी लाने के लिए कई रियायतों की घोषणा की। हालांकि, यह माना जा रहा है कि इन घोषणाओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष के दौरान 360 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा।
नई दिल्ली: सरकार ने बढ़ते व्यापार घाटे को रोकने और निर्यात में तेजी लाने के लिए बुधवार को कई रियायतों की घोषणा की। हालांकि, यह माना जा रहा है कि इन घोषणाओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष के दौरान 360 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा।
सरकार ने दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी योजना को विस्तार देते हुए उसे अगले वित्त वर्ष तक बढ़ा दिया। यह योजना मार्च 2013 में समाप्त हो रही थी। योजना का लाभ अब कुछ और निर्यात क्षेत्रों को भी मिलेगा। इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात को भी अब इससे फायदा मिलेगा।
अमेरिका, यूरोपीय संघ और एशियाई बाजारों में सामान निर्यातकों को इन अतिरिक्त रियायतों का फायदा होगा। इन क्षेत्रों के बाजारों में निर्यातकों को मांग में कमी का सामना करना पड़ रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने बुधवार को इन उपायों की घोषणा करते हुये कहा ‘‘इन उपायों के साथ हम वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में अपने निर्यात को बढ़ाने में कामयाब होंगे। इन उपायों का मकसद निर्यात में आ रही गिरावट को रोकना और निर्यात वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ना है।’’
शर्मा ने उम्मीद जाहिर की कि इन उपायों के जरिये निर्यातक ज्यादा निर्यात कर सकेंगे और देश के बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। जनवरी से नवंबर के दौरान देश का व्यापार घाटा 175.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
एस एण्ड पी सहित कई वैश्विक एजेंसियों ने देश के बढ़ते व्यापार घाटे पर गहरी चिंता जताई थी।