नई दिल्ली:
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 3,705 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज के आधार मूल्य को मंजूरी दे दी है। इस कदम से 3जी व अन्य बैंड के स्पेक्ट्रम की बिक्री से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए 3,705 रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज के आधार या आरक्षित मूल्य को मंजूरी दे दी है। 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल 3जी सेवाओं के लिए होता है।
सरकार 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज तथा 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के आधार मूल्यों को पहले ही तय कर चुकी है। इन बैंडों में स्पेक्ट्रम की नीलामी 3जी स्पेक्ट्रम के साथ 4 मार्च को शुरू होगी। सूत्रों ने बताया कि इन सभी बैंडों में स्पेक्ट्रम की बिक्री से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलने की उम्मीद है। यह अभी तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम बिक्री होगी।
अंतर मंत्रालयी समिति दूरसंचार आयोग ने 3जी स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य 3,705 रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने का सुझाव दिया था। आयोग द्वारा सुझाया गया मूल्य दूरसंचार कंपनियों द्वारा 2010 की नीलामी में भुगतान किए गए मूल्य से 11 प्रतिशत ऊंचा है।
यह भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की 2,720 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज की सिफारिश से भी 36 प्रतिशत अधिक है। कैबिनेट ने पिछले सप्ताह रक्षा व दूरसंचार मंत्रालयों के बीच 15 मेगाहर्ट्ज 3जी स्पेक्ट्रम की अदला-बदली को मंजूरी दी थी। हालांकि, सरकार तालमेल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पेक्ट्रम उपलब्ध करा पाएगी।