खास बातें
- सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक कॉल ट्रैकिंग प्रणाली को हर हाल में लागू करें। यानी तुरंत कॉल के लोकेशन का पता लगाया जा सके। ऐसे में सरकार और दूरसंचार कंपनियों के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो सकती है।
नई दिल्ली: सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक कॉल ट्रैकिंग प्रणाली को हर हाल में लागू करें। यानी तुरंत कॉल के लोकेशन का पता लगाया जा सके। ऐसे में सरकार और दूरसंचार कंपनियों के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो सकती है।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन आफ यूनिफाइड सर्विस प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (ऑस्पी) ने इस कदम का विरोध किया है। वहीं दूसरी ओर सरकार 31 मई की समयसीमा को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं दिखाई देती। सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट किया है कि उन्हें इस समयसीमा का हर हाल में पालन करना होगा।
गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग से मोबाइल फोन के गंतव्य और कॉल की डिटेल न मिलने को लेकर चिंता जताई थी। इसी के मद्देनजर गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा कि ऑस्पी के साथ सभी सेवा प्रदाताओं के विचार सरकार के समक्ष रखे गए।
जहां सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि वह इसके लिए और समय नहीं देगी, वहीं आपरेटरों का कहना है कि वे और समय की मांग को लेकर दबाव बनाएंगे।