सरकार ने घरेलू कच्चे तेल, डीजल निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ाया

यह आदेश 15 अगस्त से लागू होगा. पिछली पाक्षिक समीक्षा में घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर 4,250 रुपये प्रति टन तय किया गया था.

सरकार ने घरेलू कच्चे तेल, डीजल निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ाया

ऑयल रिफाइनरी... (प्रतीकात्मक तस्वीर.)

नई दिल्ली:

सरकार ने सोमवार को कच्चे पेट्रोलियम पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 7,100 रुपये प्रति टन कर दिया. यह आदेश 15 अगस्त से लागू होगा. पिछली पाक्षिक समीक्षा में घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर 4,250 रुपये प्रति टन तय किया गया था. इसके अलावा विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) या डीजल के निर्यात पर शुल्क वर्तमान में एक रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 5.50 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा.

वहीं, जेट ईंधन पर 15 अगस्त से दो रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाया जाएगा. वर्तमान में जेट ईंधन पर कोई विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क नहीं है. पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क शून्य रहेगा. भारत ने पहली बार 1 जुलाई 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था.

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गौरतलब है कि विंडफॉल टैक्स ऐसी कंपनियों या इंडस्ट्री पर लगाया जाता है, जिन्हें किसी खास तरह की परिस्थिति में तत्काल काफी लाभ हो रहा होता है. वर्तमान में भारत की तेल कंपनियां इसका अच्छा उदाहरण हैं.