सरकार ने ऑनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी

सरकार ने ऑनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

सरकार ने मंगलवार को ऑनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म के क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे दी है। इस फैसले से अमेजन और ईबे जैसी विदेशी कंपनियों के अलावा फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी घरेलू कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के दिशानिर्देशों में यह स्पट है कि माल रखकर ई-कॉमर्स के जरिये उसकी खुदरा बिक्री के मॉडल में एफडीआई की अनुमति नहीं होगी।

डीआईपीपी के प्रेस नोट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स मार्केट प्लेस विक्रेता को भंडारगृह, लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर को पूरा करने, कॉल सेंटर, भुगतान लेने और अन्य सेवाओं के रूप में सपोर्ट सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, इस तरह की इकाइयों का इन्वेंटरी पर स्वामित्व का अधिकार नहीं होगा। इस तरह के स्वामित्व से कारोबारी मॉडल इन्वेंटरी आधारित मॉडल हो जाएगा।

दिशानिर्देश में हालांकि कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनी को अपने मार्केट प्लेस पर किसी एक वेंडर या अपने समूह की कंपनी को कुल बिक्री का 25 प्रतिशत से अधिक करने की अनुमति नहीं होगी। इस कदम पर स्नैपडील ने कहा कि इन नियमों से देश के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स उद्योग में स्पष्टता आएगी। उसने कहा, 'इन दिशानिर्देशों में भारतीय बाजार में ई-कॉमर्स मार्केटप्लेट की बदलाव लाने की भूमिका को पहचाना गया है। यह एक वृहद घोषणा है जिससे क्षेत्र के विकास को तेज किया जा सकेगा।'

टैक्स सलाहकार फर्म पीडब्ल्यूसी ने कहा कि एक वेंडर के लिए 25 प्रतिशत बिक्री की सीमा से मार्केटप्लेस पर वेंडरों का आधार व्यापक हो सकेगा। भारत का ई-कॉमर्स क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज कर रहा है। अध्ययनों में कहा गया है कि 2016 तक यह क्षेत्र 38 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा और इसके 2020 तक 50 अरब डॉलर के आंकड़े को छू जाने की उम्मीद है। सरकार बिजनेस टु बिजनेस (बी2बी) ई-कॉमर्स में पहले ही 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दे चुकी है।

दिशानिर्देशों के तहत ई-कॉमर्स से तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त से है। इसमें डिजिटल और और इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर डिजिटल उत्पादों की खरीद-फरोख्त भी शामिल है। डिजिटल और इलेक्ट्रानिक नेटवर्क में कंप्यूटर, टीवी चैनल और अन्य इंटरनेट एप्लिकेशन शामिल हैं।

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)