यह ख़बर 17 मई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

CBI को कामकाज में स्वायत्तता देने की दिशा में काम करेगा मंत्रिसमूह : चिदंबरम

खास बातें

  • वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि उनकी अध्यक्षता वाला मंत्रिसमूह (जीओएम) सीबीआई को ‘कामकाज की स्वायत्तता’ प्रदान करने की दिशा में काम करेगा।
लंदन:

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि उनकी अध्यक्षता वाला मंत्रिसमूह (जीओएम) सीबीआई को ‘कामकाज की स्वायत्तता’ प्रदान करने की दिशा में काम करेगा। साथ ही उन्होंने जवाबदेही के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा सीबीआई की स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह के गठन को मंजूरी दिए जाने के तीन दिन बाद चिदंबरम की उक्त टिप्पणी आई।

चिदंबरम ने कहा, हम सीबीआई को कामकाज में स्वायत्तता प्रदान करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सीबीआई को जांच के मामले में कामकाज में व्यापक स्वायत्ता मिले। वित्तमंत्री ने पूर्वी लंदन में क्रॉसरेल की नई परियोजना के निर्माण स्थल का दौरा अपने ब्रिटिश समकक्ष जॉर्ज ओसबोर्न के साथ किया। वह मजदूरों द्वारा पहने जाने वाले नारंगी रंग के परिधान और टोपी पहने हुए थे।

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिहाज से तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर गए चिदंबरम ने जवाबदेही के विषय पर भी विचार व्यक्त किए।

उन्होंने एनडीटीवी से कहा, पूरी दुनिया में सभी संस्थाएं किसी न किसी के प्रति जवाबदेह हैं। वे कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह हैं, विधायिका के प्रति जवाबदेह हैं, वे अदालतों के प्रति जवाबदेह हैं। मेरा मानना है कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि सीबीआई की जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं करे। चिदंबरम ने कहा, मुझे विश्वास है कि मेरा समूह यह सुनिश्चित करेगा।
 
उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को बाहरी दबाव से मुक्त करने के लिए कानून बनाने के लिहाज से केंद्र सरकार के लिए 10 जुलाई की समयसीमा तय की है। सरकार ने मंगलवार को पांच सदस्यीय मंत्रिसमूह का गठन किया, जो तीन सप्ताह के अंदर एजेंसी के लिए नए विधेयक का मसौदा तैयार करेगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा सीबीआई को उसके राजनीतिक आकाओं का ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहे जाने की पृष्ठभूमि में जीओएम का गठन किया गया है।

चिदंबरम ने भ्रष्टाचार के विषय में भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल भारत की कहानी नहीं है, बल्कि हर देश में भ्रष्टाचार के आरोप आम बात हैं।

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उन्होंने रेल मंत्री के पद से पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री के पद से अश्विनी कुमार के हाल ही में इस्तीफों का जिक्र करते हुए कहा, एक मंत्री ने भ्रष्टाचार की वजह से नहीं बल्कि जांच में हस्तक्षेप के आरोपों की वजह से इस्तीफा दिया। दूसरे मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया। उनके खिलाफ अभी तक कोई आरोप नहीं है, अभी तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों और खुद को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर आगे रखने में अरुचि के बारे में पूछे जाने पर वित्तमंत्री ने कहा, यदि आप इसे कहें कि यह महत्वाकांक्षा का अभाव है तो मैं काफी खुश हूं। तो इसे महत्वाकांक्षा का अभाव ही कह लीजिए।