नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में सोने की घटती कीमतों के बीच अगस्त में देश में सोने का आयात 120 टन के पार पहुंच गया, जो चालू वित्त वर्ष का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
एक अधिकारी ने बताया, सोने के आयात में भारी वृद्धि हुई है और अगस्त में यह करीब 120 टन था, जो चालू वित्त वर्ष के किसी भी महीने में सर्वाधिक स्तर है। अधिकारी ने कहा कि आयात में वृद्धि मुख्यत: आगामी त्योहारों के मद्देनजर आई है।
उन्होंने कहा कि हमें रुख की ओर निगाह रखनी होगी कि क्या यह चेतावनीपूर्ण है अथवा महज संकेत है। हम बाजार का रुख देखने के बाद आयात शुल्क में कोई बदलाव कर सकते हैं। फिलहाल सोने पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत है। पिछले वर्ष अगस्त में सोने का आयात 50 टन का हुआ था। जुलाई, 2015 में यह 89 टन रहा था।
जुलाई में सोने की वैश्विक कीमतों में भारी गिरावट आई थी, जिसके कारण भारत और चीन सरीखे देशों से मांग बढ़ गई थी। भारत हर वर्ष 1,000 टन सोने का आयात करता है, जिसके कारण कच्चे तेल के बाद सोने में ही सर्वाधिक आयात का खर्च बैठता है।
लोगों का ध्यान एवं रुचि हाजिर सोने की खरीद से हटाने के लिए मंत्रिमंडल ने पिछने सप्ताह दो योजनाओं - स्वर्ण मौद्रीकरण योजना और 'सॉवरेन गोल्ड बांड' योजना को मंजूरी दी थी। इन दो योजनाओं का उद्देश्य देश में घरों और संस्थानों में रखे सोने को बाहर निकालना और उन्हें उत्पादक इस्तेमाल में लाना है।