यह ख़बर 04 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

जीएमआर मुद्दे पर भारत ने मालदीव को दिया कड़ा संदेश

खास बातें

  • मालदीव को कड़ा संदेश देते हुए भारत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि मालदीव जीएमआर के अनुबंध के मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक कोई मनमानी और बदले की कार्रवाई नहीं करेगा।
नई दिल्ली:

मालदीव को कड़ा संदेश देते हुए भारत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि मालदीव जीएमआर के अनुबंध के मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक कोई मनमानी और बदले की कार्रवाई नहीं करेगा।

इसके साथ ही भारत ने चेताया है कि इस तरह की किसी भी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

जीएमआर मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने यह भी कहा, ‘हम मालदीव से जारी हिंसा और निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ धमकी और अतिवादी भावना के बारे में आ रही रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने मालदीव से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून का पालन किया जाए और लोकतंत्र के सिद्धांतों व भावना को बरकरार रखा जाए। हम स्थिति पर पैनी नजर रखना जारी रखेंगे।’

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल सामद अब्दुल्ला के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की बातचीत का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री ने यह जिक्र किया है कि उनकी सरकार भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर आम सहमति है।

बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए।

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उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की।