खास बातें
- प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कृषि उत्पादन में तेजी के मद्देनजर चालू वित्तवर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया।
New Delhi: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने कृषि उत्पादन में तेजी लौटने के मद्देनजर चालू वित्तवर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया। साथ ही उसने मुद्रास्फीति आगामी मार्च के अंत तक घटकर 7 प्रतिशत पर आने की उम्मीद जताई है। पीएमईएसी ने सोमवार को जारी अर्थव्यवस्था की समीक्षा- 2010-11 शीषर्क रपट में यह भी कहा कि 2011-12 के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर 9 प्रतिशत रहने की संभावना है। पीएमईएसी के मुताबिक, चालू वित्तवर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो बीते वित्तवर्ष के 0.4 प्रतिशत से काफी अधिक है। पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा, कृषि क्षेत्र इस साल काफी बेहतर प्रदर्शन करेगा। हम गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन देख सकते हैं। परिषद ने यह भी कहा कि सेवा एवं उद्योग क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों तक ऊंची वृद्धि दर को बरकरार रखेंगे। बीते वित्तवर्ष के दौरान जहां सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत थी, वहीं विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत रही। पीएमईएसी ने आगे कहा कि कुल मुद्रास्फीति की दर मार्च के अंत तक घटकर 7 प्रतिशत के स्तर पर आने की संभावना है।