यह ख़बर 18 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

इंफोसिस के पूर्व अमेरिकी कर्मचारियों ने हिन्दी के कारण भेदभाव का आरोप लगाया

नई दिल्ली:

देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस के पूर्व अमेरिकी कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाते हुए लॉ सुइट दायर किया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे हिन्दी में संपर्क या बातचीत नहीं कर पा रहे थे, जिसकी वजह से उनके साथ भेदभाव किया गया।

हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को झूठा और आधारहीन बताया है। यह लॉ सुइट कंपनी के पूर्व कर्मचारियों -  लाल्या बोल्टन, ग्रगोर हैंडलूजर व दो अन्य कर्मचारियों ने दायर किया है। बोल्टन को कंपनी ने टेस्टर के रूप में नियुक्त किया था। जबकि हैंडलूजर की नियुक्ति इंफोसिस में 2004 में बिक्री प्रबंधक के रूप में की गई थी।

विस्कान्सिन के पूर्वी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में दायर लॉ सुइट में पूर्व कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके सुपरवाइजर व अन्य साथी कर्मचारी कार्य के लिए बातचीत में उनको अलग रखते थे। ये कर्मचारी नियमित रूप से उनके सामने हिन्दी में बातचीत करते थे।

बोल्टन और हैंडलूजर के अलावा लॉ सुइट दायर करने वाले कर्मचारियों में ब्रेंडा कोहलर व केली पार्कर शामिल हैं। यह मामला इंफोसिस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इंक और इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज इंक के खिलाफ दायर किया गया है। यह लॉ सुइट पिछले साल अक्टूबर में दायर किया गया था। इंफोसिस अदालत गई थी और उसने मामला रद्द करने की अपील की थी।


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