खास बातें
- सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जबकि इस तरह के सौदों पर ऊंचे कर के कारण देश के मुद्रा व्यापार का आकार घटने की आशंका जताई जा रही है।
New Delhi: सरकार ने विदेशी मुद्रा विनियम सौदों पर सेवा कर की सीमा 5,000 रुपये तय की है। सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जबकि इस तरह के सौदों पर ऊंचे कर के कारण देश के मुद्रा व्यापार का आकार घटने की आशंका जताई जा रही है। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि विदेशी मुद्रा विनिमय :फारेन एक्सचेंज: सौदों पर कर की गणना 1,00,000 रुपये तक की राशि के लिए सकल राशि के 0.1 प्रतिशत के हिसाब से की जाएगी जो कम से कम 25 रुपये अवश्य होगी।' इसी तरह एक लाख रु से दस लाख रुपये तक के लिए कर की दर 10 रुपये व सकल राशि का 0.05 प्रतिशत रहेगी। वहीं दस लाख से अधिक की राशि के लिए सेवा कर 550 रुपये व सकल राशि का 0.01 प्रतिशत तय की गई है। हालांकि इस तरह के सेवा कर की अधिकतम राशि 5,000 रुपये तय की गई है। वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने आम बजट 2011-12 पेश करते हुए विदेशी मुद्रा विनिमय सौदों पर सेवा कर की गणना के लिए नई प्रणाली पेश करने की घोषणा की थी।