यह ख़बर 22 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

खाद्य मुद्रास्फीति चार साल के निचले स्तर पर

खास बातें

  • खाद्य मुद्रास्फीति 10 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में घटकर 1.81 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। यह खाद्य मुद्रास्फीति का चार साल का निचला स्तर है।
New Delhi:

खाद्य मुद्रास्फीति 10 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में घटकर 1.81 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। यह खाद्य मुद्रास्फीति का चार साल का निचला स्तर है। आवश्यक खाद्य वस्तुओं मसलन सब्जियों, प्याज, आलू और गेहूं की कीमतों में कमी से खाद्य मुद्रास्फीति नीचे आई है। यह खाद्य मुद्रास्फीति का 9 फरवरी, 2008 के बाद का निचला स्तर है। उस समय यह 2.26 प्रतिशत पर थी। थोक मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य वस्तुओं की महंगाई की दर इससे पिछले सप्ताह 4.35 प्रतिशत पर थी। पिछले साल इसी सप्ताह यह 13.22 फीसदी के उच्च स्तर पर थी। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में सालाना आधार पर प्याज के दाम 49.38 फीसदी घटे हैं, वहीं आलू के भाव 34.39 प्रतिशत नीचे आए हैं। इसी तरह सालाना आधार पर गेहूं 4.21 प्रतिशत सस्ता हुआ है। कुल मिलाकर सब्जियों के दामों में 26.37 प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य मुद्रास्फीति में भारी गिरावट सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। नवंबर के पहले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति दो अंक में थी। हालांकि प्रोटीन आधारित अन्य खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी बनी हुई है। सालाना आधार पर दालों के दाम 14.22 प्रतिशत ऊंचे थे, वहीं इस दौरान दूध 11.19 प्रतिशत, अंडा, मीट और मछली 9.25 प्रतिशत महंगी थी।


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