यह ख़बर 15 मई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

नोकिया के चेन्नई कारखाने के 5,000 कर्मचारियों ने वीआरएस चुना

चेन्नई:

मोबाइल हैंडसेट निर्माता नोकिया के श्रीपेरंबुदूर संयंत्र के 6,600 में से 5,000 स्थायी कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का विकल्प चुना है। कंपनी ने पिछले महीने कर्मचारियों के लिए वीआरएस की घोषणा की थी।

नोकिया इंडिया ने बयान जारी कर कहा, हमने वीआरएस के लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया है। आज की तारीख तक 5,000 कर्मचारियों ने वीआरएस का विकल्प चुना है।

बयान में कहा गया है कि वीआरएस पैकेज लेने वाले कर्मचारियों को समर्थन के लिए कंपनी ने एक ब्रिज पहल की पेशकश की है, जिसके तहत कंपनियों को सलाहकार सेवाएं व रोजगार परिदृश्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।

नोकिया ने हाल में अपनी मोबाइल इकाई को माइक्रोसॉफ्ट को बेच दी है। कंपनी फिलहाल इस संयंत्र का परिचालन अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए अनुबंध निर्माता के रूप में कर रही है।

नोकिया इंडिया इम्पलाइज यूनियन के सूत्रों ने पीटीआई से कहा कि जिन कर्मचारियों ने वीआरएस का विकल्प चुना है, उन्होंने नौकरी जाने के भय से यह कदम उठाया है। वीआरएस के तहत कर्मचारियों को करीब दो लाख रुपये का लाभ दिया गया है।

सूत्रों ने दावा किया करीब 5,000 कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ दी है। वास्तव में उन्होंने यह कदम बाद में नौकरी से निकाले जाने से डर से उठाया है, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि बाद में उनकी नौकरी भी चली जाएगी और वीआरएस का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।


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