यह ख़बर 11 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

फिच ने अमेरिका के लिए शीर्ष रेटिंग ‘एएए’ बरकरार रखी

खास बातें

  • एजेंसी ने बजट घाटे को कम करने के लिए ओबामा प्रशासन और संसद को समझौता करने में नाकाम रहने की दलील देकर उसके परिदृश्य को नकारात्मक स्तर पर बनाए रखा है।
वाशिंगटन:

रेटिंग एजेंसी फिच ने अमेरिका की साख शीर्ष स्तर ‘एएए’ पर बराकरार रखा है। हालांकि एजेंसी ने बजट घाटे को कम करने के लिए ओबामा प्रशासन और संसद को समझौता करने में नाकाम रहने की दलील देकर उसके परिदृश्य को नकारात्मक स्तर पर बनाए रखा है।

फिच ने कहा कि संघीय कर को लेकर अनिश्चितता और राजकोषीय समस्याओं से संबद्ध व्यय से जुड़ी नीतियां अल्प अवधि में आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ाती है। यह एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका की ओर संकेत करता है।

फिच ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर सरकारी कर्ज का दबाव बना रहेगा और यदि घाटे पर कोई समझौता नहीं हुआ तो आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंच सकता है।

प्रमुख रेटिंग एजेंसियां अमेरिकी सरकार को आगाह करती रही हैं कि अगर घाटा में कमी के लिए उपाय नहीं किए जाते तो साख घटाई जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने अमेरिका की दीर्घकालीन साख घटा दी थी। एजेंसी ने सरकारी प्रतिभूतियों की रेटिंग ‘एएए’ से घटाकर ‘एए प्लस’ कर दिया था।

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सकारात्मक पहलुओं का जिक्र करते हुए फिच ने मंगलवार को कहा कि उसने अमेरिका की ‘एएए’ रेटिंग बरकरार रखी है जिसका कारण उच्च उत्पादक, विविध तथा समृद्ध अर्थव्यवस्था है। इसके अलावा मौद्रिक तथा विनिमय दर में लचीलापन तथा डॉलर को रिजर्व करेंसी का दर्जा बरकरार रहने से भी यह निर्णय किया गया है।