खास बातें
- ईडी ने कंपनी पर 2जी घोटाले में फेमा उल्लंघन के मामलों में 7,000 करोड़ का जुर्माना लगाया है। एतिसलात डीबी को स्वान टेलीकॉम के नाम से जाना जाता था।
New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दूरसंचार कंपनी एतिसलात डीबी पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में फेमा उल्लंघन के कई मामलों में 7,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा उल्लंघन पर सक्षम निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष अपनी शिकायत में कहा है कि कंपनी पर यह जुर्माना देश और देश के बाहर विदेशी विनिमय नियमों के संदिग्ध उल्लंघन में लगाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक बालेश कुमार ने दिल्ली क्षेत्र के जांच अधिकारी राजेश्वर सिंह द्वारा की गई जांच के आधार पर इस आदेश को मंजूरी दे दी। निदेशालय के सूत्रों ने कहा कि यूएई की एतिसलात तथा डीबी रीयल्टी समूह के संयुक्त उद्यम को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है और उससे पूछा गया है कि क्यों न उस पर 7,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने कई मोर्चे पर विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) का उल्लंघन किया है। कंपनी ने विदेशों से मिले फंड की प्राप्ति के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक को निर्धारित समय के भीतर सूचित नहीं किया। इस उपक्रम में विदेशी भागीदार के रूप में एतिसलात की 45 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। एतिसलात डीबी को पूर्व में स्वान टेलीकॉम के नाम से जाना जाता था। इससे पहले एजेंसी ने शाहिद बलवा प्रवर्तित स्वान टेलीकॉम पर 3,608 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन का आरोप लगाया था।