यह ख़बर 08 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

वित्त मंत्रालय खर्चों में कमी की गुंजाइश खोजने में लगा है : चिदंबरम

खास बातें

  • वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि व्यय विभाग चालू वित्तवर्ष के दौरान विभिन्न मंत्रालयों में बचत गुंजाइश का गुणा भाग करने में लगा है ताकि अनावश्यक खर्च कम कर राजकोषीय घाटे को बजट की सीमा में बांधे रखा जा सके।
नई दिल्ली:

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि व्यय विभाग चालू वित्तवर्ष के दौरान विभिन्न मंत्रालयों में बचत गुंजाइश का गुणा भाग करने में लगा है ताकि अनावश्यक खर्च कम कर राजकोषीय घाटे को बजट की सीमा में बांधे रखा जा सके।

चिदंबरम ने कहा, ‘‘व्यय विभाग संशोधित अनुमानों को लेकर विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठक कर रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद ही हम जान पाएंगे कि बचत की गुंजाइश है कि नहीं।’’ वित्त मंत्रालय चालू वित्तवर्ष के लिए संशोधित अनुमानों पर मंत्रालयों के साथ बैठकें कर रहा है। संशोधित अनुमान वित्त वर्ष 2013-14 के बजट के दौरान संसद के समक्ष रखा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों से बजटीय आवंटन का पालन करने को कहा है क्योंकि राजकोषीय स्थिति तंग होने की वजह से अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

संशोधित अनुमान के समय विभिन्न मंत्रालय पूरे वित्त वर्ष के लिए व्यय का आकलन प्रस्तुत करते हैं और उसे वित्त मंत्रालय के बजट विभाग को सौंपते हैं।

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वित्त मंत्रालय ने राजकोषीय घाटा का अनुमान बढ़ाकर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 5.3 प्रतिशत कर दिया है जबकि 2012-13 के बजट में इसके 5.1 प्रतिशत रहले की बात कही गई थी।