यह ख़बर 01 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी से हो : फिक्की

खास बातें

  • फिलहाल ज्यादातर प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाता है।
New Delhi:

उद्योग संगठन फिक्की ने सुझाव दिया है कि लौह अयस्क, कोयला और दूरसंचार स्पेक्ट्रम जैसे प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी से किया जाना चाहिए। फिक्की ने अशोक चावला की अगुवाई वाली समिति को यह सुझाव दिया है। फिलहाल ज्यादातर प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाता है। फिक्की ने कहा है कि कच्चे तेल और गैस की खोज और उत्खनन की नयी खोज एवं लाइसेंसिंग नीति :नेल्प: की तर्ज पर ही अन्य खनिजों के संबंध में भी एक पारदर्शिता तथा नीलामी आधारित प्रणाली अपनाई जा सकती है। उद्योग संगठन ने कहा है कि ऐसे प्राकृतिक संसाधनों के संबंध में नेल्प जैसी पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है जहां आवंटन को लेकर एक से अधिक पक्षों की रुचि है। फिक्की ने कहा है कि अनजान खनिज क्षेत्रों के मामले में खुली प्रवेश नीति अपनाई जा सकती है। फिक्की ने कहा कि अनजाने खनिजों के क्षेत्र भारी निवेश प्रोत्साहित करने के लिए खदानों का आवंटन सिर्फ उन्हीं पक्षों को किया जाना चाहिए जिन्हें इस तरह के कार्य का अनुभव हो। हालांकि, फिक्की का मानना है कि नीलामी आधारित प्रणाली उन मामलों में उचित नहीं होगी, जहां खनिज की उपलब्धता, आकार और ग्रेड की समुचित जानकारी न हो। उद्योग संगठन ने कहा, ऐसे मामलों में सटोरिया बोली को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों द्वारा अधिक भुगतान का जोखिम भी पैदा होगा। ऐसे में वह परियोजना को बीच में ही छोड़ देगा।


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