खास बातें
- अमेरिकी ऋण संकट के भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर से चिंतित उद्योग जगत ने एक और प्रोत्साहन पैकेज की मांग की।
नई दिल्ली: अमेरिकी ऋण संकट के भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर से चिंतित उद्योग जगत ने एक और प्रोत्साहन पैकेज की मांग की ताकि घरेलू मांग तथा निवेश को बढावा दिया जा सके। उद्योग संगठन एसोचैम ने जहां एक और आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की मांग की है वहीं फिक्की ने कहा है कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन तथा ढांचागत सुधारों को तेज किए जाने की जरूरत है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार की गति धीमी पड़ने पर भारत में प्रभावित क्षेत्र सरकार से एक और प्रोत्साहन पैकेज की मांग कर सकते हैं ताकि निवेश तथा मांग को बढ़ावा दिया जा सके।' उल्लेखनीय है कि 2008-09 में भारत सरकार ने कर रियायतों आदि के रूप में 1.86 लाख करोड़ रुपये की मदद दी थी। फिक्की ने कहा है, 'बेहतर वित्तीय प्रबंधन तथा ढांचागत सुधारों को तेज किए जाने की जरूरत है।' उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दिन में कहा था, 'हम घरेलू घपत को बढावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे तथा घरेलू वृद्धि दर को तेज करने वाले कारकों पर जोर दिया जाएगा।' इसी तरह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि पर भी रोक की मांग उठी है।