खास बातें
- विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार को एफडीआई नीतियां दुरुस्त करनी चाहिए और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए माहौल अनुकूल बनाना चाहिए।
New Delhi: भारत ने जनवरी-मार्च, 2011 के दौरान 3.39 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल किया जो पिछले साल की इसी अवधि के 4.96 अरब डॉलर मूल्य के एफडीआई के मुकाबले 32 प्रतिशत कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार को एफडीआई नीतियां और दुरुस्त करनी चाहिए और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए माहौल और अधिक निवेश अनुकूल बनाना चाहिए। क्रिसिल के प्रधान अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, अधिक से अधिक एफडीआई आकर्षित करने के लिए सरकार को मजबूत नीतिगत कार्रवाई करने की जरूरत है। उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही में वित्तीय एवं गैर वित्तीय, दूरसंचार, आवास और रीयल एस्टेट, निर्माण गतिविधियों एवं बिजली क्षेत्र ने अधिक एफडीआई आकर्षित किए। मारिशस, सिंगापुर, ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और यूएई भारत में प्रमुख निवेशक हैं। वर्ष 2010-11 के दौरान देश ने 19.42 अरब डॉलर मूल्य का एफडीआई आकर्षित किया था जो 2009-10 के 25.83 अरब डॉलर मूल्य के एफडीआई की तुलना में कम है।